जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में टीबी की रोकथाम एवं उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

फरीदाबाद, 3 सितंबर : भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान’ के तहत जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में तपेदिक (टीबी) की रोकथाम, शीघ्र निदान, समय पर उपचार एवं टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. लवलीन मंगला ने स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण में किया गया।

उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को टीबी के कारणों, लक्षणों, संक्रमण के फैलने के तरीकों तथा इससे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान और निर्धारित उपचार का पूरा कोर्स करना सफल उपचार के साथ-साथ संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. मंगला ने लंबे समय तक रहने वाली खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना तथा लगातार थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। उन्होंने टीबी से जुड़े विभिन्न भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया तथा बताया कि समय पर निदान और उचित उपचार से टीबी पूरी तरह रोकथाम योग्य एवं उपचार योग्य बीमारी है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आसपास उचित वेंटिलेशन बनाए रखने तथा टीबी से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील एवं भेदभाव रहित व्यवहार करने का भी आह्वान किया।

जागरूकता सत्र के पश्चात वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को विशेषज्ञ चिकित्सक से व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श लेने का अवसर मिला।

इसके अतिरिक्त, मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद की चिकित्सा टीम द्वारा विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के सहयोग से आंतरिक चिकित्सा संबंधी निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही प्रतिभागियों के रक्तचाप एवं रक्त शर्करा की भी जांच की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में लगभग 150 विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया तथा स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता, व्यक्तिगत परामर्श एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।

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