नशा तस्करों, रेव पार्टियों और अवैध अहातों पर एच.एस.एन.सी.बी. की नजर
आदतन अपराधियों पर होगी पी.आई.टी एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई

फरीदाबाद, 6 नवंबर । प्रदेश में नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एच.एस.एन.सी.बी.) ने अपनी कार्रवाई और तेज करने का निर्णय लिया है। अब नशा तस्करी में बार-बार लिप्त पाए जाने वाले आदतन अपराधियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज में अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 (पी.आई.टी एन.डी.पी.एस. एक्ट) के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई की जाएगी तथा उन्हें जेल में पाबंद किया जाएगा।
पुलिस उप-महानिरीक्षक, एच.एस.एन.सी.बी., फरीदाबाद व संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा (आई.पी.एस.) ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 अक्तूबर 2026 को पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में नशा नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय रोड मैप तथा विज़न डॉक्यूमेंट के क्रियान्वयन की निगरानी हेतु गठित समिति की बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में आदतन अपराधियों की इकाईवार प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा पात्र अपराधियों के विरुद्ध निवारक निरोध की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।
इन निर्देशों की अनुपालना में फरीदाबाद रेंज के अंतर्गत आने वाली फरीदाबाद, रेवाड़ी और गुरुग्राम इकाइयों के प्रभारियों को आदेश जारी किए गए हैं। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी इकाइयों में एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत पूर्व में दर्ज सभी मामलों की बारीकी से समीक्षा करें और पी.आई.टी एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत कार्रवाई के योग्य आदतन अपराधियों की पहचान करें। इसके बाद गृह विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) तथा विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029 के तहत जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पार्टी और नाइट लाइफ पर विशेष नजर
अधिकारियों ने बताया कि नशे का कारोबार अब केवल गली-मोहल्लों में छोटे स्तर की तस्करी तक सीमित नहीं रहा है। फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरी इलाकों में क्लब, पब, लाउंज और देर रात चलने वाली रेव पार्टियों में पार्टी ड्रग्स की आपूर्ति चिंता का विषय बनती जा रही है। ब्यूरो ऐसे स्थानों पर कड़ी निगरानी रखेगा।
रेव पार्टियों, निजी फार्महाउस, बैंक्वेट हॉल और किराये के परिसरों में आयोजित होने वाली बी.वाई.ओ.बी. (बिंग योर ओन बॉटल) पार्टियों तथा शराब के ठेकों से जुड़े अहातों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां नशा तस्कर युवाओं को आसानी से अपना शिकार बना सकते हैं। जो आयोजक, मालिक या प्रबंधक जानबूझकर अपने परिसर का उपयोग नशे की आपूर्ति या सेवन के लिए होने देंगे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत ऐसे अपराध के लिए अपना परिसर उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है।
डी.आई.जी. मीणा ने कहा कि क्लब, पब, लाउंज, बैंक्वेट हॉल और अहातों के मालिकों व संचालकों की यह जिम्मेदारी है कि उनके परिसर में नशे की बिक्री, आपूर्ति या सेवन न होने पाए। ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संचालक तुरंत पुलिस या एच.एस.एन.सी.बी. को सूचित करें। सूचना छिपाने या अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने संचालकों से अपील की कि वे प्रवेश और निकास द्वार तथा परिसर के प्रमुख हिस्सों में सी.सी.टी.वी. कैमरे चालू हालत में रखें, उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें तथा बाउंसर और अन्य स्टाफ का सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही, लाइसेंस की शर्तों, निर्धारित समय-सीमा और नाबालिगों के प्रवेश व शराब परोसने पर रोक संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और ब्यूरो की टीमों द्वारा की जाने वाली जांच व निरीक्षण में सभी संचालकों को पूरा सहयोग करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा”
संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा (आई.पी.एस.) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हर पात्र अपराधी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशा तस्करी की कड़ी को पूरी तरह तोड़ा जा सके और समाज, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
उन्होंने आमजन, अभिभावकों तथा क्लब, पब और इवेंट स्थलों के संचालकों से भी अपील की कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी सूचना एच.एस.एन.सी.बी. की हेल्पलाइन नंबर 90508-91508, नजदीकी पुलिस थाने या मानस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।



