साइबर थाना NIT की बड़ी कार्रवाई: तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में 3 गिरफ्तार

फरीदाबाद : साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में साइबर थाना NIT की टीमों ने तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिनमें एक शेयर मार्केट निवेश के नाम पर ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खाते का धारक, दूसरा साइबर ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला तथा तीसरा कम ब्याज पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला आरोपी शामिल है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग और सस्ते लोन का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में केवल कॉल करने वाले ही नहीं, बल्कि अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोग भी कानून के दायरे में आते हैं। साइबर थाना NIT ने टीम ने अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसे ही 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 68.25 लाख की ठगी

पहले मामले में शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट में भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर 68 लाख 25 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगी की रकम की बैंकिंग ट्रेल का विश्लेषण किया, जिसमें दूसरी लेयर के एक बैंक खाते का पता चला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दीपक, निवासी टोहाना, जिला फतेहाबाद को गिरफ्तार किया। उसके बैंक खाते में ठगी की राशि में से 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जिसको अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है।

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 20 हजार रुपये की ठगी

दूसरे मामले में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चन्द्रेश, निवासी गणेश विहार, जयपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपना सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता से संपर्क कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। जिसको अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

सस्ते ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर ठगे 1.25 लाख रुपये

तीसरे मामले में शिकायतकर्ता को कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर 1 लाख 24 हजार 998 रुपये की ठगी की गई थी। साइबर थाना NIT की टीम ने इस मामले में योगेश कुमार, निवासी गांव धाधुमर, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। जिसने शिकायतकर्ता को फोन कर आकर्षक ब्याज दर पर पर्सनल लोन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया और फिर प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, बीमा शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कई किस्तों में अपने बैंक खाते में शिकायतकर्ता से रुपये ट्रांसफर करवा लिये। रकम मिलने के बाद न तो लोन उपलब्ध कराया गया और न ही पैसे वापस किये गए। आरोपित को 2 दिन पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

फरीदाबाद पुलिस की नागरिकों से अपील है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग, अधिक मुनाफे के दावे या कम ब्याज पर तत्काल लोन के झांसे में आने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें। बैंकिंग सेवाओं और ऋण संबंधी कार्यों के लिए केवल अधिकृत बैंक या वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करे, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की राशि को होल्ड कराने और आर्थिक नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा सके।

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