Shri Dharmik Leela Committee : उठाने के लिये जिसको विवश हर शूर होता है, उसी का देखिये कैसे चकनाचूर होता है

Shri Dharmik Leela Committee फरीदाबाद। श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लॉक एन आई टी फरीदाबाद के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात हमारी रामलीला में सीता स्वंयवर हुआ। उन्होंने बताया कि सीता स्वंयवर में बहुत सारे दृश्य आधुनिकता से भरपूर थे जिसका दर्शकों ने बहुत आन्नद लिया जैसे सीता स्वंयवर के लिये राजा जनक के दरबार मे दर्शकों के बीच में से शीशे के फर्श पर आतिशी बाजी होते हुए चलकर आती है तथा राम-सीता की वरमाला के समय आधुकिन अनार चलाये गये।

निर्देशक हरीश आज़ाद ने बताया कि सबसे पहले राजा जनक के दरबार में सीता का किरदार निभा रही कंगना खरबंदा दर्शकों के बीच में से आती है, उसके बाद कई बड़े-बड़े देशों के राजा हास्य करते हुए धनुष उठाने की नाकाम कोशिश करते हैं जिन्हें देखकर बच्चे बहुत हंसते है उसके बाद लंकापति रावण का किरदार निभा रहे तेजिन्द्र खरबंदा आते हैं जहाँ लक्ष्मण का अभिनय कर रहे विद्वांश खरबंदा से उनकी बहुत तीखी नौंक झौंक होती है जिस पर दर्शकों ने बहुत तालियाँ बजाई, उसके बाद राजा जनक का रोल कर रहे रोहित खरबंदा क्रोधित होकर सभी राजाओं को खरी-खोटी सुनाते हैं जिससे क्रोधित होकर लक्ष्मण उन पर बरस ऊठता हैं तब विश्वामित्र राम को सीता स्वंयवर का प्रण पूरा करने को कहते हैं तब प्रभूराम यह संवाद बोलते हुए उठाने के लिये जिसको विवश हर शूर होता है उसी का देखिये किस तरह चकनाचूर होता है कहकर धनुष पर चिल्ला चढ़ाते है तब सीता-राम वरमाला पहनाते हैं।

उसके बाद राजा जनक के दरबार में परशूराम व लक्ष्मण के तीखे संवाद होते है जिन्हें बार-बार राम शांत करने की कोशिश करते हैं तब परशूराम का किरदार निभा रहे परवीन बत्तरा प्रभूराम को अपने धनुष पर चिल्ला चढ़ाने को कहते हैं जिसे राम आसानी से चढ़ा देते हैं तब जय श्रीराम के नारों से पर्दा गिरता है उसके बाद ढोल-नगाड़े बजाते हुए राम,सीता, लक्ष्मण एम ब्लॉक में राम बारात निकाली गई।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!