वनमहोत्सव के अंतर्गत सीनियर सिटीजन सैक्टर-29 ने किया पौधरोपण

फरीदाबाद : सीनियर सिटीजन सैक्टर-29 फरीदाबाद ने वनमहोत्सव के अवसर पर सैक्टर उन्नतीस के हाउस नंबर 606 के सामने वाले पार्क में पौधरोपण किया। सैक्टर 29 फरीदाबाद के सीनियर सिटीजन सुबोध नागपाल, रविन्द्र कुमार मनचंदा, श्रीमती नीलम गोयल, बेनी राम, जग्गी राम गौड, टी सी सागर, मनोज गोयल, श्रीमती सुमन गोयल, जानकी कपूर, श्रीमति परवीन मल्होत्रा, वी के मल्होत्रा, सत्यवीर दहिया एवं अन्य स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सेक्टर 29 फरीदाबाद में पौधरोपण किया।

सैक्टर 29 फरीदाबाद के निवासी रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने पौधरोपण करते हुए बताया कि आज फल वाले, डेकोरेटिव और घनी छाया वाले पौधे लगाए गए। इस अभियान में धर्मवीर, गंगा राम आदि का भी सहयोग रहा। सीनियर सिटीजन सुबोध नागपाल ने बताया कि आम, जामुन, चीकू, नीबू, आंवला, अमरूद आदि के पौधे रोपे गए, उन्होंने बताया कि पिछले मानसून में भी सीनियर सिटीजन ने मिलकर ने जो पौधे लगाए थे वे सब बड़े हो गए है। पीपल और बरगद जैसे पौधे हमें दिन रात आक्सीजन प्रदान कर वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड सोख कर पर्यावरण प्रदूषण को दूर करते है। उन्होंने कहा कि हम सब को अपने और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए ताकि भविष्य में हमें और हमारी आने वाली संतानों को शुद्ध पर्यावरण, शुद्ध हवा और शुद्ध पानी प्रचुरता में मिले। मनचंदा ने आह्वान किया कि हर घर में कम से कम एक छायादार पौधा लगा कर हम सब शहरी क्षेत्रों से भी वायु प्रदूषण समाप्त कर सकते है। मानसून के माह में सड़कों के किनारे, नहरों, नालों और नदियों के किनारे हम वृक्षारोपण द्वारा वन क्षेत्र बढ़ा कर हरियाली का क्षेत्र बढ़ा सकते है और वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों को दूर भगा सकते है।

वनमहोत्सव के अवसर पर आयोजित किए गए पौधरोपण में सीनियर सिटीजन ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि हम सभी अपने उत्तरदायित्वों से बंधे हैं तथा समय समय पर एवं वर्षा के समय में पौधरोपण कर के ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से स्वयं को बचा सकते हैं। विश्व में एशिया में चल रहे युद्ध से भी पर्यावरण की निरंतर क्षति हो रही है इसलिए हम सभी को अधिक से अधिक मात्रा में पौधे लगा कर, पौधों की संतान की भांति रक्षा कर प्रदूषण से तथा प्रदूषण जनित बीमारियों से बचे रह कर संपूर्ण एन सी आर को स्वच्छ वायु, स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने में सहयोगी बन सकते हैं।

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