सोशल वर्क विद्यार्थियों ने देवश्रय एनिमल हॉस्पिटल का किया शैक्षणिक भ्रमण

पशु कल्याण, सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उद्यमिता की गतिविधियों से हुए रूबरू

फरीदाबाद, 25 अगस्त : जे.सी.बोस विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बीएसडब्लू और एमएसडब्लू के सोशल वर्क विद्यार्थियों के लिए ‘वीकली स्किल बूस्ट’ शृंखला में इंडस्ट्रियल विजिट के अंतर्गत देवश्रय एनिमल हॉस्पिटल नीमका का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पशु कल्याण, सामुदायिक सहभागिता, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने देवश्रय में विभिन्न पशुओं के लिए बनाए गए शेल्टर एवं देखभाल केंद्रों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने वहां गाय, कुत्ते, ऊंट, खरगोश, बंदर, बत्तख सहित विभिन्न पशुओं के लिए की जा रही देखभाल एवं संरक्षण व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विद्यार्थियों ने पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय व्यवहार तथा जीव-जंतुओं के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को समझा।

विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने देवश्रय की टीम द्वारा पशु कल्याण एवं समुदाय-केंद्रित पहलों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे सार्थक एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण में भाग लेने के लिए बधाई दी और कहा कि अनुभवात्मक शिक्षा विद्यार्थियों को न केवल बेहतर पेशेवर बनने में मदद करती है, बल्कि उन्हें संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

देवश्रय की समन्वयक सुश्री शिल्पा ने विद्यार्थियों को पूरे परिसर का भ्रमण कराया तथा देवश्रय की विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से उस सामुदायिक पहल से अवगत कराया, जिसके अंतर्गत आस-पास के गांवों की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा गाय के गोबर से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने पशु कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक उद्यमिता के आपसी संबंध को व्यावहारिक रूप से समझा।

इस अवसर पर सुश्री संपदा, निदेशक (संचार), सर्वोदय हेल्थ केयर ने विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा पशु कल्याण जैसे नेक एवं मानवीय कार्य से जुड़ने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। कोऑर्डिनेटर डॉ.अखिलेश त्रिपाठी और डॉ. नरेंद्र ढुल ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सोशल वर्क के सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों ने सामुदायिक सहभागिता, सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूह, आजीविका संवर्धन, सामाजिक उत्तरदायित्व, करुणा एवं सेवा जैसे विषयों को व्यावहारिक रूप में समझा।

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