फरीदाबाद में नित्यप्रति आ रहे हैं बीट सिस्टम के सुखद परिणाम : पुलिस आयुक्त

फरीदाबाद 16 अक्टूबर। फरीदाबाद के सभी थानों के बीट ऐरिया में नियुक्त सभी बीट अधिकारियों की कार्यालय पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद में आयोजित एक संगोष्ठी के दौरान पिछले सप्ताह के कार्यों की जानकारी लेते हुए पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह द्वारा कहा गया कि इस कमिश्नरेट की बीट प्रणाली बड़ी प्रभावकारी सिद्ध हो रही है। थाना भूपानी के बीट अधिकारी सिपाही मनोज कुमार ने अपनी बीट के दो वरिष्ठ नागरिकों तक उनकी दवाई पहुँचाने में मदद करके यह सिद्ध कर दिया है कि बीट अधिकारी पारिवारिक स्तर तक जाकर जनता की मदद कर रहे हैं।
बीट अधिकारी अपने बीट ऐरिया में रोजाना 5-7 किलोमीटर पैदल चलकर 50-60 व्यक्तियों से संवाद कायम करते हैं, इससे उनकी समझ विकसित हो रही है, लोगों को पुलिस द्वारा दी जाने वाली सेवाएँ आसानी से प्राप्त हो रहीं हैं तथा जनता अपराधों के प्रति जागरूक हो रही है। लोग घर के नौकरों की, सुरक्षा गाडऱ्ों की और कर्मचारियों की पुलिस तस्दीक करवा रहे हैं, क्योंकि इनके रूप में कुछ अपराधी लोग भी अपने आप को छुपाकर रखते हैं। कई सोसाइटियों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गेट लगवाए गए हैं। थाना पल्ला के बीट अधिकारी सिपाही रविंद्र के जागरूक करने के बाद लोगों ने बाइकों में अतिरिक्त और विशेष लॉक लगवाए हैं।
थाना सैक्टर 58 के बीट अधिकारी एएसआई सुरेंद्र के समझाने के बाद शराब की लत छोडक़र एक बेरोजगार व्यक्ति परचून की दुकान चलाई है। इसी प्रकार थाना सैंट्रल के 13 नंबर के जूते वाले बीट अधिकारी सिपाही कुलदीप के मार्गदर्शन के बाद उसकी बीट के क्षेत्र में स्थित ट्रांस्पोट नगर में लोग अपने ट्रकों को व्यस्थित तरीके से खड़े करते हैं और गाडिय़ों की भीड़-भाड़ समाप्त हो गई।
थाना एनआईटी के बीट सिपाही दीपक कुमार के समझाने से उनकी बीट में स्थित एक मंदिर को लेकर दो संप्रदायों में होने वाले विवाद को बातचीत से सुलझा लिया गया। बीट अफसर उप नि. महंद्रे सिंह के मार्गदर्शन पर संजय कॉलोनी में 75 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए तथा थाना सारन के बीट अफसर उप नि. रामकिशन ने भी अपनी बीट में अनेक विशिष्ट कार्य किए, जिसके आधार पर इन दोनों बीट अधिकारियों को उस्ताद बीट अफसर की उपाधि के साथ-साथ कम अनुभव वाले बीट अफसरों का मार्गदर्शन करने का भी दायित्व दिया गया। उत्कृष्ट सेवा करने वाले बीट अधिकारियों को प्रथम श्रेणी के प्रशंसा पत्र दिए गए और सामान्य रूप से कार्य करने वालों को और अधिक लग्न, मेहनत व निष्ठापूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।



