महिलाओं से सम्बंधित मामलों में पुलिस अधिकारी करे ठोस कार्यवाही : रेनू भाटिया

महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने की महिलाओं से सम्बंधित केसों की सुनवाई

फरीदाबाद : हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने महिलाओं से सम्बंधित केसों की सुनवाई करते हुए प्रशासन तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों जरूरी दिशा निर्देश दिए। महिला आयोग की चैरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि आज पुलिस विभाग में विचाराधीन महिलाओं से संबंधित 5 केसो की सुनवाई की गयी। महिला आयोग की चेयरपर्सन ने महिला सुरक्षा और महिला थानों में चल रहे मामलों को लेकर एसीपी मोनिका के साथ बैठक भी की तथा महिलाओं से संबंधित मामलों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। चैरपर्सन रेनू भाटिया द्वारा बताया कि आयोग पहले केस को खुद स्टडी करता है उसके पश्चात फिर केस से सम्बंधित थानों के अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है। उसके बाद आयोग प्रार्थी को अपने समक्ष बुलाकर केसों का निपटारा किया जाता है।

उन्होंने बताया कि आज की बैठक में उनके समक्ष एक नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए केस को साइबर सेल में ट्रांसफर किया गया है। वहीं तलाक से जुडें एक मामले को दोनों पार्टियों के बीच आपसी समझौता कर उसका हल करवाया गया। वहीं एक अन्य मामले में एक महिला के प्रति अपराधी द्वारा मारपीट किए जाने पर पुलिस अधिकारियों को अपराधी लड़के के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए भी कहा गया। साथ ही घरेलु मसले से जुड़े एक मामले में दो महिलाओं जोकि आपस में देवरानी-जेठानी थी, उनका समझौता भी कराया गया।

उन्होंने कहा कि आयोग समय-समय पर हर ज़िला में जाकर केसों के जल्द निपटारे एवं सुनवाई के लिए ऐसी बैठकों का आयोजन करता है। तथा इन बैठकों में जितने भी केस सम्बंधित चौकी, थाने, महिला थाने में महिलाओं से सम्बंधित दर्ज होते हैं उनमें मामलो के लिए दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की जाती है। यदि कोई एक पक्ष आयोग के समन के बाद भी हाज़िर नहीं होता तो अगली बार आयोग उस पक्ष के खिलाफ कार्यवाही के आदेश देता है। उन्होंने कहा कि आयोग का पहला उद्देश्य यही है की जिन मामलों में आपसी समझौते से मामले का निपटारा हो सकता है ऐसे मामलों में दोनो पक्षों को आमने सामने बैठाकर उनकी सुलह कराई जाये। तथा अपहरण, बलात्कार एवं हत्या से जुडें मामलों में बिना किसी कोताही के पुलिस विभाग को सख्त कार्यवाही के लिए आदेश दिए।

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