जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद के द्वारा ” हरियाणा उदय”कार्यक्रम के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर तपेदिक के मरीजों को किया गया विशेष पोषाहार वितरण

फरीदाबाद : जिला रेड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित अन्नदान- महादान मुहिम के तहत विक्रम सिंह उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रेड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस भवन सेक्टर-12 फरीदाबाद मे जिला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तपेदिक के 100 मरीजो को विशेष पोषाहार वितरण हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेडक्रॉस जिला सचिव बिजेंद्र सोरोत ने बताया कि शहर की सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह कार्य निरंतर सुचारू रूप से किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस डी एम बड़खल पंकज सेतिया तथा विशिष्ट अतिथि आरडब्ल्यूए सेक्टर 15 के प्रधान नीरज चावला ने रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रांगण में पौधारोपण किया तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित मुहिम को बहुत ही सार्थक बताते हुए तपेदिक के रोगियों से अपील करते हुए कहा कि तपेदिक रोग लाइलाज नहीं है यदि इसकी पूरी दवाइयों का सेवन पूर्ण रूप से किया जाए। उन्होने कहा कि तपेदिक के लक्षणों की पहचान करके तत्काल प्रभाव से इलाज बेहद जरूरी है। इस स्थिति में जरूरी ये है कि आप इलाज के साथ अपनी डाइट भी सही करें। जैसे कि खाने में फल और सब्जियों को शामिल करें जो कि आपको अंदर से सेहतमंद रखें और शरीर की ताकत बढ़ाए ! उन्होंने कहा कि अपने मन की स्थिति को यदि हम मजबूत करते हैं तो हम जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं। सभी को इसका शपथ पाठ कराया गया।

विशिष्ट अतिथि नीरज चावला ने तपेदिक रोगियों के कल्याण हेतु ज़िला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना है कि वर्ष 2025 तक टी बी को जड़ खत्म करना है तथा इस दिशा मे सभी को सामूहिक प्रयास करना जरूरी है इस अवसर पर उन्होंने आश्वासन दिया। तपेदिक रोगियों के कल्याण हेतु हर समय संभव मदद हेतु तैयार है, इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी पुरुषोत्तम सैनी ने बताया कि तपेदिक की बीमारी बहुत ही खतरनाक बीमारी है इस बीमारी का सफल इलाज यही है कि पौष्टिक आहार ले और समय पर दवाइयों का सेवन करे। उन्होंने बीमारी से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग एक खतरनाक संक्रामक रोग है सही समय पर इसका इलाज नहीं होने पर यह जानलेवा हो सकती है। इसलिए अपने आप को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने के लिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जिससे आप खुद व अपने परिवार को इस जानलेवा रोग की चपेट में आने से बचा सकें। विमल खण्डेलवाल संरक्षक, भारतीय रेड क्रॉस ने तपेदिक रोगियों के कल्याण हेतु हर संभव सहयोग देने का वादा किया। बहुत जल्द उन्होंने बताया कि शहर एवं ग्रामीण अंचल में जाकर लोगों को सभी बीमारियों के प्रति जागरूक एवं स्वास्थ्य विभाग से कैसे लाभ मिल सके उसके बारे में अवगत कराया जाएगा।

जिला रेडक्रॉस सोसायटी सदैव मानव हित के कार्यों निरंतर करती रहती है, सभी सामाजिक संगठनों को सहयोग के साथ में समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है। मैं उनकी पूरी टीम को आज इस विशेष अवसर के ऊपर बहुत-बहुत बधाई देता हूं। टी.बी कोऑर्डिनेटर मधु भाटिया मधु भाटिया ने बताया की तपेदिक की बीमारी से बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि तपेदिक की बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लडऩे में लहसुन कारगार होता है, रोगाणुरोधी गुण से भरपूर लहसुन, प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा दे सकता है, पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो तपेदिक से प्रभावित ऊतकों के उपचार में मददगार साबित हो सकते हैं इसी के साथ आंवला भी लेना चाहिए आंवले में जीवाणुरोधी गुण होते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेड क्रॉस कर्मचारी सुशील कुमार – परियोजना प्रबंधक,रुचिका, सोनिका, कमलेश एवम् समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।

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