स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान की कहानी अभिलेखों व तस्वीरों की जुबानी

  • आजाद हिंद सरकार की उद्घोषणा का अभिलेख बन रहा आकर्षण का केंद्र
  • 21 अक्तूबर 1943 को बन गई थी आजाद हिंद सरकार

सूरजकुंड : 35वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिंद सरकार की उद्घोषणा की द नेशनलिस्ट समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट का अभिलेख आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

इस मेले में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सूचना, जनसंपर्क भाषा विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान की कहानी को अभिलेखों व तस्वीरों की जुबानी दिखाया गया है। इसमें दिखाया है कि कैसे सुभाष चंद्र बोस को गुलामी की बेडिय़ों में जकड़ी मां भारती के एक सच्चे सपूत का दर्जा हासिल है। बोस ने 21 अक्टूबर 1943 के दिन आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति के रूप में स्वतंत्र भारत की वैकल्पिक सरकार बनाई और उसे ‘आजाद हिंद’ का नाम दिया था। द नेशनलिस्ट समाचार पत्र में 20 अक्तूबर 1946 को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्तूबर 1943 को आजाद हिंद यानी स्वतंत्र भारत की प्रांतीय सरकार के गठन की उद्घोषणा की। इसमें उन्होंने खुद को राष्ट्र का प्रमुख घोषित कर दिया था।

इसमें मुख्य हेडिंग आजाद हिंद गवर्नमेंट डे तथा प्रोक्लेमेशन ऑफ आजाद हिंद गवर्नमेंट सब हेड के रूप में छापा गया है। इस समाचार पत्र के फुल पेज की इस खबर में सुभाष चंद्र बोस की टीम का फोटो छापा गया है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!