जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता’ विषय पर दो दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम संपन्न

फरीदाबाद, 14 मई : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम “उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता” विषय पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कर्मचारियों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षताओं को सुदृढ़ करना तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वोत्तम प्रशासनिक प्रक्रियाओं, सुशासन एवं पेशेवर जवाबदेही पर केंद्रित विचार-विमर्श के माध्यम से संस्थागत प्रभावशीलता को बढ़ाना था।

शैक्षणिक सत्रों का आरंभ डॉ. सुनीता खुराना, पूर्व निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्रेटेरियट ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने प्रशासनिक दक्षता के प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए व्यवस्थित कार्यशैली एवं संस्थागत अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया।

दूसरा सत्र डॉ. मनीष गुप्ता, उप-कुलसचिव (परीक्षा) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यस्थल की दक्षता एवं उत्पादकता बढ़ाने में प्रभावी संचार, सूचना का अधिकार की मूलभूत समझ तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासनिक प्रणालियों के महत्व पर विशेष बल दिया।

तीसरा सत्र डॉ. देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर, हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रशासनिक परिवेश में नेतृत्व क्षमता, टीम समन्वय एवं समस्या-समाधान कौशल पर प्रकाश डाला।

विश्वविद्यालय की उप-कुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. मेहा शर्मा का “प्रशासनिक दक्षता की आधारशिला” विषय पर विशेष व्याख्यान प्रमुख रहा। डॉ. शर्मा ने प्रशासनिक कार्य के मूल सिद्धांतों दक्षता, समयबद्धता, शुद्धता, उत्तरदायित्व एवं जवाबदेही की विस्तार से चर्चा की तथा नोटिंग एवं ड्राफ्टिंग की कला, फाइलों के सुव्यवस्थित संचालन एवं प्रभावी अभिलेख प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी साझा की।

अंतिम सत्र श्री सचिन गुप्ता द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने प्रशासन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण किंतु प्रायः उपेक्षित आयाम जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण पर प्रकाश डाला।

दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रशासनिक विशेषज्ञों से संवाद, अनुभव साझा करने तथा अपनी पेशेवर क्षमताओं को सुदृढ़ करने का मूल्यवान अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम की सफलता पर प्रो. आशुतोष दीक्षित, अधिष्ठाता, प्रबंधन अध्ययन विभाग ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे व्यावसायिक विकास कार्यक्रम आयोजित करने की विभागीय प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंधवानी ने कहा कि प्रशासनिक उत्कृष्टता किसी भी संस्थान की प्रगति का आधार है तथा प्रशासनिक कर्मियों के लिए निरंतर सीखना और कौशल उन्नयन अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ। समापन समारोह में प्रतिभागियों से संवादात्मक फीडबैक प्राप्त किया गया तथा समन्वयक डॉ. अनुश्री चौहान एवं डॉ. सपना तनेजा द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

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