Veteran actor Asrani अब इस दुनिया में नहीं रहे!

दिग्गज एक्टर गोवर्धन असरानी अब इस दुनिया में नहीं रहे. दीवाली के दिन एक्टर का निधन हो गया. गोवर्धन असरानी 84 साल के थे. उनके निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर है. एक्टर लंबे समय से बीमार थे और पिछले 4 दिनों से अस्पताल में एडमिट थे.

दिवाली जैसे त्योहार के मौके पर आज भारतीय सिनेमा ने एक लीजेंड्री वर्सेटाइल एक्टर को खो दिया है. मशहूर कॉमेडियन और एक्टर असरानी (गोवर्धन असरानी) का आज 84 साल की उम्र में निधन हो गया है. दिग्गज एक्टर लंबे समय से बीमार थे. वो 4 दिनों से अस्पताल में ही थे और आज दोपहर तीन बजे ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

मीडिया से बातचीत में असरानी के मैनेजर बाबू भाई ने बताया कि एक्टर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 4 दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जहां पता चला कि असरानी के लंग्स में पानी भर गया था. ऐसे में लगातार उनका इलाज चल रहा था और इस बीच ही एक्टर जिंदगी और मौत की जंग हार गए. निधन से कुछ घंटे पहले ही असरानी ने अपने फैंस को इंस्टाग्राम पर दिवाली की बधाई भी थी.

असरानी का अंतिम संस्कार भी संपन्न
असरानी नहीं चाहते थे उनकी मौत पर माहौल बने. इसीलिए उन्होंने अपनी पत्नी मंजू से कहा था कि वो सबको इसकी जानकारी ना दें. इसीलिए असरानी के निधन के कुछ घंटे बाद ही परिवार ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया. असरानी सांताक्रूज के शांतिनगर स्थित श्मशान भूमि में आज पंच तत्वों में लीन हो गए. अब फैमिली बहुत जल्द उनकी प्रेयर मीट अनाउंस कर सकती है.

असरानी का फिल्मी करियर
असरानी का पूरा नाम गोवर्धन असरानी थी. वो राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे. उन्होंने 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘हरी कांच की चूड़ियां’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. असरानी ने अपने 58 साल के फिल्मी करियर में अपनी एक्टिंग और कॉमिक अंदाज से तगड़ी फैन फॉलोविंग बनाई थी. उन्होंने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. ‘शोले’, ‘अभिमान’, ‘चुपके-चुपके’, ‘छोटी सी बात’ और ‘भूल भुलैया’ उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की लिस्ट में शामिल हैं. दिवंगत एक्टर ने एक्टिंग के साथ-साथ फिल्म मेकिंग में भी हाथ आजमाया और गुजराती सिनेमा में भी काम किया.

असरानी ने वेलकम, हेरा फेरी, दे दना दन, खट्टा मीठा, भागम भाग, आवारा पागल दीवाना, दीवाने हुए पागल, इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसी कई फिल्में की हैं. असरानी अपने काम को लेकर काफी सीरियस थे. 84 साल की उम्र में भी वो लगातार काम कर रहे थे. उन्होंने कई कॉमेडी फिल्में दी हैं. एक्टिंग के अलावा उन्होंने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया है. उन्होंने गुजराती फिल्म Amadavad no Rikshavaro को डायरेक्ट किया है. वहीं उन्होंने चला मुरारी हीरो बनने, सलाम मेमसाब, हम नहीं सुधरेंगे, दिल ही तो है और उड़ान जैसी फिल्में भी डायरेक्ट की हैं.

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