विश्व टीबी दिवस : टीबी के इलाज को लेकर अभी हिचकिचाते हैं मरीज : डॉ. विद्या नायर

फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : विश्व टीबी दिवस के अवसर पर ग्रेटर फरीदाबाद, सेक्टर 86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. विद्या नायर ने कहा कि टीबी (ट्यूबरक्युलोसिस) के इलाज को लेकर अभी भी मरीजों में हिचकिचाहट देखी जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी देने से ही इस बीमारी के इलाज को प्रभावी बनाया जा सकता है।

डॉ. विद्या नायर ने बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन मरीजों में इससे जुड़े कई मिथक और डर बने हुए हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और जब तक वे डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक बीमारी गंभीर हो चुकी होती है। वहीं, कुछ मरीज इलाज शुरू करने के बाद बीच में ही दवा छोड़ देते हैं, जिससे संक्रमण दोबारा बढ़ सकता है और दवा प्रतिरोधक टीबी का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे कि निशुल्क जांच और दवा उपलब्ध कराना, निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को आर्थिक सहायता देना आदि। इसके बावजूद, जानकारी के अभाव में कई लोग इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते।

डॉ. नायर ने अपील की कि लोग किसी भी प्रकार की खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षणों को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। साथ ही, टीबी मरीजों को पूरा इलाज पूरा करने की सख्त जरूरत है ताकि संक्रमण पूरी तरह खत्म हो सके।

उन्होंने बताया कि समुदाय, स्वास्थ्य कर्मियों और सरकारी प्रयासों के समन्वय से टीबी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इस दिशा में एकॉर्ड अस्पताल भी जनजागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को शिक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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