जूनियर रेडक्रॉस शिविर के चौथे दिन युवाओं को अनेकों विषय पर किया गया जागरूक

फरीदाबाद : उपायुक्त एवम अध्यक्ष ज़िला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद विक्रम सिंह के निर्देशानुसार एवं सचिव विजेंद्र सौरोत के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय जूनियर रेड क्रॉस प्रशिक्षण 06.11.2023 से 10.11.2023 तक राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऍन आई टी 5 फरीदाबाद के प्रांगण में चल रहे जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन दिनांक 09/11/2023 का आरंभ बिजेन्द्र सोरोत सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के मार्गदर्शन मे जिला प्रशिक्षण अधिकारी पुरुषोत्तम सैनी के नेतृत्व मे हुआ| श्रीमती मीनू कौशल, प्रवक्ता के द्वारा महिला सशक्तिकरण के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित, महिलाओं को पारिवारिक सहायता नहीं मिलती है तो जीवन यापन करने के सभी रास्ते बंद हो जाते है एवं ऐसी कठिन परिस्थितियों के लिए परिवार एवं समाज में पुर्नस्थापित होने हेतु विशेष सहयोग की आवश्यकता होती है । यदि किसी भी पीड़ित महिला की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ दिया जाए तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार का भी भरण पोषण कर सकती है इसके अलावा मोबाइल का अधिक इस्तेमाल आपको मानसिक रोगी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, डायबिटिज, ह्रदय रोग आदि कई बड़ी बीमारियाँ भी दे सकता है। मोबाइल फोन आज व्यक्ति की आदत बन गई है। कोई भी व्यक्ति मोबाइल के बिना अपने आप को अधूरा मानने लगता है। इसलिए मोबाइल फ़ोन का कम से काम उपयोग करना चाहिए।
श्रीमती सरोज बाला ससंकृत अध्यापिका द्वारा सी पी आर से सम्बंधित जानकारी देते हुए बताया कि सीपीआर का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। यह भी एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड है। जब कोई व्यक्ति सांस न ले पा रहा हो और बेहोश जो जाए तो सीपीआर से उसकी जान बचाई जा सकती है। हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा पड़ने पर तो सबसे पहले और समय पर सीपीआर दे दिया जाय तो पीड़ित की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। सीपीआर में दबाव और कृत्रिम सांस का एक खास अनुपात होता है। 30 बार छाती पर दबाव बनाया जाता है तो दो बार कृत्रिम साँस दी जाती है। ये प्रक्रिया तब तक चलने देनी है जब तक पीड़ित खुद से सांस न लेने लगे।
अंत में शिविर निदेशक डॉ ऍम पी सिंह के द्वारा उपस्तिथ सभी प्रवक्ताओं/ विद्यालय स्टाफ का धन्यवाद किया एवं सभी को बताया कि जूनियर रेडक्रॉस एक ऐसा मंच है जहाँ युवा लोगों के कल्याण के लिए अपनी प्रतिभा, कौशल, ज्ञान, क्षमता का प्रदर्शन कर सकते है। इस शिविर का मुख्य उदेश्य स्वैच्छिकः रक्तदान को बढ़ाना, अंगदान के लिए लोगो को जागरूक करना, बच्चो को मोबाइल कि गलत आदत छुड़वाने के लिए जागरूक करना, संक्रामक रोगो कि रोकथाम, प्राथमिक चिकित्सा, समय समय पर यातायात के नियमो के बारे में जागरूक करना है।
इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से अरविन्द शर्मा, दर्शन भाटिया, श्रीमती गीता उप्रेती, श्रीमती मीनू कौशल, मनदीप, पवन, जितेंदर, सुशिल, केशव व अन्य रेडक्रॉस स्टाफ ने पूर्ण सहयोग दिया।



