जूट अथवा कपड़े के थैलों का प्रयोग करने का जोरदार आह्वान

फरीदाबाद, 18 दिसम्बर। फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त सोनल गोयल ने पोलिथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक का संपूर्ण बहिष्कार करने और जूट अथवा कपड़े के थैलों का प्रयोग करने का जोरदार आह्वान किया है। स्थानीय तिकोना पार्क स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कहीं। उन्होंने शिक्षकों, छात्रों, नौजवानों, बुद्धिजीवियों व समाजसेवी संगठनों से अपील की है कि वे पाॅलिथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए फरीदाबाद नगर निगम के द्वारा चलाये जा रहे अभियान को जन-आंदोलन बनाने में अपनी महत्ती भूमिका निभाएं। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली बच्चों को अपने आपको स्वच्छ रखने व प्लास्टिक का प्रयोग न करने बारे भी शपथ दिलाई। विद्यालय के प्राचार्य धीरज सिंह ने निग्मायुक्त सहित समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वास दिलाया कि विद्यालय के सभी शिक्षक न केवल विद्यालय के बच्चों को बल्कि आम नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के गम्भाीर खतरों से भी अवगत करवायेंगे।

निग्मायुक्त ने अपने सम्बोधन मंे कहा कि बाजार से सामान उठाकर लाने की सहूलियत देने वाली पॉलीथीन न केवल हमारे पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है बल्कि जानलेवा भी है। यह जीवन के लिए जहर है।  थोड़ी सी सहूलियत के लिए हम समूचे जीव जगत को खतरे में डाल रहे हैं। पॉलीथीन ऐसे रसायनों से बनाया जाता है, जो जमीन में 100 सैंकड़ों वर्ष तक गाड़ देने से भी नष्ट नहीं होता।  सौ साल के पश्चात भी पॉलीथीन को जमीन से ज्यों का त्यों निकाला जा सकता है। जरा सोचें हमारी धरती संसार की हर चीज हजम कर लेती है, किन्तु पॉलीथीन तो उसे भी हजम नहीं होता। पॉलीथीन पृथ्वी के स्वास्थ्य और हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालता है। पॉलीथीन पानी के रास्ते को अवरुद्ध करता है खनिजों का रास्ता रोक लेता है अर्थात एक ऐसी रुकावट जो जीवन के सहज प्रवाह को रोक लेती है।  पॉलिथीन से निकलने वाली जहरीली गैसें हवा के साथ मिलकर उसे जहरीला बनाती हैं। पानी में फेंके जाने पर ये जलचक्र में बाधक होकर बादल बनने से रोकता है, पानी के जीवों के असमय मौत का कारण बनता है। खुले में पॉलिथीन का फेंका जाना और भी खतरनाक है। यह मिट्टी को भुरभुरी कर देता है और पशुओं की मौत का कारण भी पॉलिथीन ही बनता है।  हम धर्म के नाम पर पुण्य कमाने के लिए अक्सर गाय तथा अन्य जानवरों को पॉलीथीन में लिपटी रोटी, सब्जी फल आदि ही डाल देते हैं। वे बेजुबान पशु उसे ज्यों का त्यों निगल जाते हैं जिससे उनकी आँतों में रुकावट पैदा होती है और वे तड़प -तड़प कर मर जाते हैं। यदि प्लास्टिक जमीन में धंस जाए तो कभी भी नहीं गलती है।

समारोह में अन्य के इलावा निगम के अधीक्षण अभियन्ता बीरेन्द्र करदम, कार्यकारी अभियन्ता श्याम सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी डा. उदयभान शर्मा, विद्यालय के लैक्चरार राजेन्द्र कुमार, कुलबीर यादव, सुनीता व वनीता वर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व छात्रायंे भी उपस्थित थी।

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