मुख्य चौपाल पर भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित बरेली लोक नृत्य की दी गई भव्य प्रस्तुति

  • अंगोला देश के कलाकारों ने पौराणिक कथाओं पर आधारित बेहतरीन नृत्य-गायन किए प्रस्तुत
  • अनादि फाउंडेशन ने नाटक के माध्यम से किया भगवान परशुराम की लीलाओं का वर्णन

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 04 अप्रैल। 35वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की मुख्य चौपाल पर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड से आए दीपक पांडे ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित बरेली लोक नृत्य-अर्जुन के रथ पर बैठे कन्हैया बैला चले पवन की ओर को गाय चराने वाले ग्वाले इस नृत्य को बुंदेलखंड में दीपावली के 1 दिन बाद गोवर्धन पूजा से लेकर लगातार 15 दिनों तक घर-घर जाकर इस नृत्य को किया जाता है। नृतक ज्योति जाटव, आकांक्षा, करिश्मा, यशी जैन, काजल, रोनक जैन, अमन, पीयूष, रमाकांत ने मुख्य चौपाल पर रविवार को अपनी मनमोहक प्रस्तुति देकर धूम मचाई दी।

इसी क्रम में मुख्य चौपाल पर अंगोला देश के कलाकारों ने पौराणिक कथाओं पर आधारित बेहतरीन नृत्य-गायन प्रस्तुत किया। उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया यह नृत्य इनके पौराणिक कथाओं पर आधारित रहा। नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने अपनी देश की पौराणिक संस्कृति को दर्शाया। जब कोई भी प्रदेश व देश में खुशहाली का माहौल होता था, चाहे वह शादी, फसल की कटाई या अच्छी फसल होना हो, तो प्रजा अपने राजा के पास आशीर्वाद लेने के लिए जाते थे, राजा भी अपनी प्रजा का बहुत अच्छे से ख्याल रखते थे और उनकी खुशी में सम्मिलित होते थे। उस समय यह नृत्य प्रस्तुत किया जाता था।

अनादि फाउंडेशन चंडीगढ़ से आए कलाकारों ने मुख्य चौपाल पर भगवान परशुराम लीला नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में भगवान परशुराम की लीलाओं का वर्णन किया गया, जिसमें 16 कलाकारों ने भाग लिया। रावण की भूमिका में मोनू, परशुराम की भूमिका में साजन शर्मा, पुत्र की भूमिका में उदय पाराशर, मां की भूमिका में रजनी बजाज, पिता की भूमिका में वीरेंद्र कुमार, मुकेश, विकास, नेगी, कमल भारद्वाज आदि कलाकारों ने भव्य नाट्य की प्रस्तुति दी।

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