शिक्षण-अध्ययन में विद्यार्थियों के लिए भाषा न बने बाधा : कुलपति प्रो. तोमर

  • कहा – छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई अपनी मातृभाषा में करना चाहते शिक्षक करें सहयोग

फरीदाबाद, 8 मार्च : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो एस.के. तोमर ने आज कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया में भाषा बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई अपनी मातृभाषा में करना चाहते है तो शिक्षकों को उनकी मदद करनी चाहिए।

कुलपति प्रो. तोमर आज मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के अध्यक्ष प्रो. राज कुमार, कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग भी मौजूद थे। बैठक में विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने हिस्सा लिया।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा के प्रयोग की अनुमति देती है। नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को मातृभाषा और शिक्षण के माध्यम के बीच के अंतराल को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा तभी संभव है जब विद्यार्थी कक्षा में अच्छी तरह से समायोजित हो। एक सकारात्मक वातावरण बने। यदि छात्र को ऐसी भाषा में पढ़ाया जाता है जिसे वे नहीं समझते हैं, तो शिक्षण के लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा।

बैठक में विभागाध्यक्ष प्रो. राज कुमार ने विभाग का संक्षिप्त परिचय देते हुए कुलपति को हिन्दी माध्यम में शुरू किये गये बीटेक पाठ्यक्र्रम की प्रगति से अवगत कराया।

विभाग की अकादमिक गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रो. तोमर ने शिक्षकों को अच्छा शोध कार्य करने और प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण जैसी समस्याओं के समाधान प्रदान करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित जल संचयन प्रणाली जैसे संसाधनों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित बनाने की व्यवस्था पर भी अपने विचार रखे।

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