नफरत के वायरस को भगायें !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 10 अप्रैल। इस वक्त देश में कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के चलते भारत के कुछ चाटुकार पत्रकार टी.वी.चैनलों पर कोरोना वायरस को देश में फैलाने का इल्जाम खुलेआम जमाती मुस्लिमों पर लगा रहे हैं! यह बड़ी हैरानी की बात है क्यों कि पत्रकारिता और लेखनी किसी भी पत्रकार को माँ सरस्वती की कृपा से मिलती है! माँ सरस्वती वाणी और विधा तथा लेखनी की महादेवी है! टी.वी.चैनलों पर बैठे सरकार के कुछ चाटुकार पत्रकार टीआरपी बढ़ाने के लिए अपनी वाणी से कोरोना वायरस पर ही हिंदू मुस्लिमवाद की नफऱत फैलाकर एक बहुत बड़ा जहर घोलने का काम कर रहे हैं!

ऐसे पत्रकारों की बुद्धि पर तरस आता है क्यों कि पत्रकारों को तो बुद्धिजीवी वर्ग में माना समझा जाता है! कुछ पत्रकार बंधु बुद्धिजीवी होते हुए भी यदि यह बात नहीं समझ पा रहे कि कोई भी वायरस या बीमारी जब भी सामूहिक रूप से किसी देश या पूरे विश्व में आती है तो वह सार्वजनिक तौर पर सभी धर्म जातियों के लोगों पर आती है! कोई एक विशेष धर्म जाति के लोग कभी किसी बीमारी को फैलाने का कारण नहीं बनते! भारत में कोरोना वायरस यदि फैला है तो वो हमारी भारतीय सरकार की पूर्णतया लापरवाही से फैला है! किसी धर्म विशेष के लोगों की लापरवाही से नहीं फैला! जब जनवरी, फरवरी के महीनों में देश के बहुत से विद्वानों ने भारतीय सरकार को अलर्ट कर दिया था तो फिर विदेशों से आने वाले यात्रियों को क्यों नहीं रोका गया? असल में तो भारत सरकार ने लापरवाही बरतते हुए खुले आम विदेशों से यात्रियों को आने दिया और अब आरोप धर्म और जाति के नाम पर लगवायें जा रहे हैं!

भारत में कोरोना का पहला केस 31 जनवरी को संज्ञान में आया परंतु भारतीय सरकार ने फिर भी हमारे हवाई अड्डों पर पाबंदी नहीं लगाई और विदेशी यात्रियों को खुलेआम हमारे देश में संक्रमण फैलाने दिया! पूरे विश्व के काफी देशों में जब कोरोना वायरस फैल चुका था तो फिर भारतीय सरकार ने जनवरी, फरवरी व मार्च के महीने तक लापरवाही क्यों बरती?

दिल्ली पुलिस की जबरदस्त लापरवाही का खुलासा हुआ है कि खुफिया जानकारी जुटाने वाले दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने 15 मार्च को ही दिल्ली पुलिस के सभी विभागों को सूचित कर दिया था कि तबलीकी मरकत में बड़ी संख्या में देश विदेश से आये लोग ठहरे हुए हैं जो कि कोरोना वायरस के चलते एक गंभीर संकट बन सकते हैं! मरकत में इकठ्ठे हुए जमातियों के बारे में 14 मार्च को ही स्पेशल ब्रांच को पता लग गया था परंतु दिल्ली पुलिस ने 23 मार्च को सख्ती दिखानी शुरू की! अब दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है! इसके बाद 25 मार्च को मरकत निजामुद्वीन की तरफ से दिल्ली पुलिस को सूचित किया गया कि लगभग 1500 लोग यहां से जा चुके हैं व लगभग 1000 के करीब जमाती अब लॉक डाउन के कारण यहां पर फंस गये हैं व उन्हें निकालने के लिए गाडिय़ों के लिए कफ्र्यू पास दिये जायें परंतु दिल्ली पुलिस ने कफ्र्यू पास जारी नहीं किये! जिस कारण इन जमातियों को इधर उधर अपने नजदीकियों के पास ठहरना पड़ा! भारतीय सरकार व दिल्ली पुलिस की जबरदस्त लापरवाही के कारण अब इन जमाती मुस्लिमों को कोरोना वायरस की आड़ में हिंदू मुस्लिमवाद की नफरत की आग का शिकार बनाया जा रहा है! भारत के कई टी.वी.चैनलों के चाटुकार पत्रकारों ने पीत पत्रकारिता करते हुए अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए हिंदू मुस्लिमवाद की इस नफरत की आग में जबरदस्त घी का तडक़ा लगाने का काम कर दिया!

भारत के राष्ट्रीय टी.वी.चैनलों के चाटुकार पत्रकारों ने कोरोना वायरस फैलाने का सारा इल्जाम इन मरकजी जमाती मुस्लिमों पर लगाकर जबरदस्त प्रचार शुरू कर दिया और देश के हिंदू लोगों में मुस्लिम भाइयों के प्रति जबरदस्त जहर फैला दिया! इस कारण भारत के कई प्रदेशों के भिन्न भिन्न इलाकों में इन जमातियों के साथ लोगों के द्वारा मारने पीटने की घटनायें व पुलिस के द्वारा भी प्रताडि़त करने की घटनायें घटित हुईं! इन घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी डाली गई व भारत के टी.वी.चैनलों के पांच पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज की गई!

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