दास्तान-ए-रोहनात नाटक का मंचन 18 मई को एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर सेक्टर-12 में

  • देश के गौरवशाली इतिहास को नाटक के माध्यम से किया जाएगा प्रस्तुत
  • हरियाणा के रोहनात गांव के गुमनाम वीरो पर आधारित नाटक का किया जाएगा मंचन

फरीदाबाद : देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू करवाने के उद्देश्य से 18 मई को सांय 6.30 बजे सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर में दास्तान-ए -रोहनात नामक नाटक का मंचन किया जा रहा है। इस नाटक के माध्यम से लोगों को आजादी के आंदोलन में अपना योगदान देने वाले महावीरो की सत्य घटनाओं पर आधारित कथाओं के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय ऊर्जा एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर होंगे।

नाटक के निदेशक मनीष जोशी ने बताया कि इस नाटक के माध्यम से हरियाणा के एक ऐसे गांव की कहानी प्रस्तुत की जाएगी जहां आजादी के 71 वर्षों के बाद तिरंगा झंडा नहीं फहराया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस गांव में आजादी के 71 साल बाद यहां तिरंगा झंडा फहरा कर आजादी के आंदोलन में अपना योगदान देने वाले महावीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में मनाया जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश के उन महान वीर सपूतों को याद किया जा रहा है जिनके नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हो पाए। ऐसे ही 2 योद्धाओं के नाम है नोंदा राम और बिरहा दास। रोहनात हरियाणा का ऐसा गांव है जो अंग्रेजों के जुल्म का शिकार हुआ । नोंदा राम को जालिम अंग्रेजों ने तोप से उड़ा दिया था वहीं बिरड़ा दास को अंग्रेजों ने ठोक ठोक कर मार दिया था। कहा जाता है कि मंगल पांडे भी इनसे मिलने आते थे और वहां के लोगों को संगठित करने में इन दोनों का महत्वपूर्ण व बड़ा योगदान था। इस नाटक के जरिए रोहनाथ गांव की वीर गाथा को प्रस्तुत किया जाएगा। बुधवार 18 मई को शाम 6.30 बजे लगभग 20 कलाकारों द्वारा इस नाटक का मंचन किया जा रहा है।

आजादी के आंदोलन से जुड़ी घटनाओं को इस नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस नाटक के निदेशक मनीष जोशी है जिनके द्वारा आजादी की सत्य घटनाओं पर आधारित यह नाटक तैयार किया गया है। इस नाटक को आकर्षित व रोचक बनाने के लिए लाइट एंड साउंड का स्पेशल इफेक्ट भी दिया गया है। इस प्रस्तुति के माध्यम से देश के ऐतिहासिक पहलुओ को उजागर करने का प्रयास किया गया है।

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