मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद (MAF) कार्यालय में एमएएफ कार्यकारिणी की मीटिंग का हुआ आयोजन

फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद (एम ए एफ) कार्यालय में एमएएफ कार्यकारिणी की मीटिंग का आयोजन हुआ। मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद (एमएएफ) और स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) ने एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सी. वी. अरुण कुमार, उपमहाप्रबंधक, सिडबी, फरीदाबाद व सुखदेव सिंह, प्रधान, एमएएफ ने साइन किया।

रमणीक प्रभाकर, महासचिव, एमएएफ ने बताया एमएएफ व सिडबी के बीच रूह्र साइन हुआ है, ये हमारी एसोसिएशन के लिए बहुत गर्व की बात है। हमारे लगातार प्रयासों के बाद ये सफलता उपलब्ध हुई है।
उन्होंने बताया कि इस एमओयू के साथ, एमएएफ और सिडबी ने एक नए युग की शुरुआत की है और ये मील का पत्थर साबित होगा। एमएएफ के मेंबर्स को अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करेगा। अब से हमारी एसोसिएशन के मेंबर्स इसका पूर्ण लाभ बिना किसी परेशानी के ले सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सिडबी, छोटे उद्योगों को सहायता देने के लिए कई योजनाएं चलाता है। इन योजनाओं का मकसद, छोटे कारोबारों की प्रतिस्पर्धात्मकता और आधुनिकीकरण को बढ़ाना है।
सुखदेव सिंह, प्रधान, एमएएफ ने बताया कि सिडबी एक बैंक है, जो सूक्ष्म लघु एवं मध्यम यानी एमएसएमई कारोबारियों को बिजनेस लोन प्रदान करने का काम करता है। सिडबी, प्रौद्योगिकी विकास एवं आधुनिकीकरण निधि और राष्ट्रीय इक्विटी निधि जैसी योजनाएं चलाता है। उन्होंने कहा कि अब से हमारे मेंबर्स को कम पेपर वर्क में, कम समय में, कम रेट ऑफ़ इंटरेस्ट में अधिक व आसानी से अपने बिजऩेस को बढ़ाने के लिए ऋण मिल सकेगा। यह एमओयू हमारे मेंबर्स के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करेगा। हम सिडबी के साथ सहयोग करने के लिए उत्साहित हैं और हमें विश्वास है कि यह एमओयू हमारे मेंबर्स के लिए नए अवसर प्रदान करेगा।
सी. वी. अरुण कुमार, उपमहाप्रबंधक, सिडबी, फरीदाबाद, ने कहा कि एमएएफ के मेंबर्स को सिडबी की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। एमएएफ और सिडबी मिलकर एमएएफ के मेंबर्स के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि एमएएफ के मेंबर्स को हम उचित कीमत पर, कम समय में आर्थिक सहायता करने की पूरी कोशिश करेंगे।
उन्होंने बताया कि सिडबी का प्रमुख कार्य है देश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और लघु उद्योगों के साथ मध्यम उद्योगों की स्थापना करना, वित्त पोषण यानी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उद्योगों के डेवलपमेंट (विकास) आदि के लिए फाइनेंशियल हेल्प देना है।
उन्होंने कहा कि एमएएफ के साथ एमओयू साइन करना ये हमारे लिए भी ख़ुशी की बात है। हम एमएएफ के साथ सहयोग करने के लिए उत्साहित हैं और हमारी योजनाओं के माध्यम से उनके मेंबर्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। हमें विश्वास है कि यह एमओयू एमएएफ के मेंबर्स को अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि एमएएफ मेंबर्स को सिडबी की तरफ से पूरी मदद की जायेगी। जो भी नई स्कीम आएगी हम एमएएफ के साथ साझा करेंगे व स्कीम का लाभ उद्योगों को मिल सके उसके लिए सहयोग भी करेंगे।
ऋषि त्यागी, कोषाध्यक्ष, एमएएफ ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रमणीक एमएएफ की सेवा में सदैव तत्पर रहते है। हमेशा कुछ नया और अच्छा लाने की कोशिश करते रहते है। रमणीक जी द्वारा ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण व बहुत ही सराहनीय कार्य है। अब से सिडबी से मिलने वाला लाभ हमारी एसोसिएशन के मेंबर पूर्णरूप से ले सकेंगे।
वहीं मीटिंग में उपस्थित सभी गणमान्यों ने इस बात का स्वागत किया।
इस मीटिंग मे फरीदाबाद, सिडबी, असिस्टेंट मैनेजर प्रिंस दादूल व एमएएफ कार्यकारणी मेंबर्स उपस्थित थे। सुरेश अग्रवाल, जगदीश शर्मा, मोहन मुकुट शर्मा, अनिल वोहरा, प्रदीप सेठी, प्रवीण गुप्ता, कपिल वशिष्ठ, सुबोध जिंदल, पारुल रत्रा, रवि खींदारिया, आर पी गौड़, पुष्पेंद्र सिंह, प्रमोद प्रभाकर, सुनील सचदेवा, करमजीत सिंह की उपस्थित विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।



