सूरजकुंड स्थित खूनी झील के पास छिपे थे मनोज भाटी हत्याकांड में संलिप्त 4 हत्यारोपी

  • हत्या का कारण बंधवाड़ी गांव स्थित कूडा डंपिंग स्टेशन का ठेका था।
  • करीब 20 दिन पूर्व कई आपराधिक मुकदमों में पैरोल पर चल रहे अपराधी मनोज मांगरिया ने अपने ठिकाने पर रची थी मनोज भाटी को ठिकाने लगाने की योजना।

फरीदाबाद : मनोज भाटी हत्याकांड में क्राइम ब्रांच सैक्टर 30 प्रभारी इंस्पेक्टर विमल राय और उनकी टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उनकी टीम ने आरोपियों को सूरजकुंड स्थित खूनी झील के पास छिपने के लिए बनाये हुए गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार कर बहुचर्चित मनोज भाटी हत्याकांड की गुथी को मात्र 48 घंटे में सुलझा लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मांगर के अशोक उफऱ् पाटिल पुत्र पे्रमी, नंगला एन्क्लेव पार्ट 2 के विकास हरसाना पुत्र कमल, आया नगर दिल्ली के सोनू पुत्र विजेंदर और अनंगपुर के धर्मेन्द्र पुत्र बदलू राम का नाम शामिल है।

बता दे की वारदात के बाद पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह ने पर पुलिस उपायुक्त क्राइम, मुकेश मल्होत्रा व एसीपी क्राइम अनिल यादव को आरोपियो की जल्द धरपकड के निर्देश देते हुए केस की प्रगती पर खुद नजर बनाए हुए थे। सभी क्राईम ब्रांच अलग अलग टारगेट पर कार्य कर रही थी, मात्र 48 घंटे के अंदर ही 4 अपराधियों को गिरफ्तार करने में क्राईम ब्रांच 30 को सफलता मिली। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या का कारण बंधवाड़ी गांव स्थित कूडा डंपिंग स्टेशन का ठेका था।
हत्या के समय आरोपी विकास हत्या में इस्तेमाल कोरोला गाडी चला रहा था और आरोपी अशोक उफऱ् पाटिल फॉरचुनर गाड़ी में मनोज मांगरिया के साथ मौजूद था।

पुलिस उपायुक्त क्राइम मकेश मलहोत्रा ने प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी धर्मेन्द्र निवासी अनंगपुर का सूरजकुंड खूनी झील के पास गुप्त ठिकाना है। दिल्ली निवासी आरोपी सोनू ने अपनी छाती पर (गुरु जी मांगरिया) गुदवाया हुआ है ।

आपको बता दें कि वर्ष 2018 में राजनैतिक दल राजकुमार सैनी की पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से तिगांव विधानसभा से विधायक का चुनाव लड़ चुके मृतक मनोज भाटी जैसे ही दिनांक 23.12.2020 को अपने दोस्त सद्दाम के प्रोपर्टी डीलिंग ऑफिस से दिन में करीब 3 बजे अपनी गाडी स्कॉर्पियो में सवार होकर निकला तभी अचानक से 2 लग्जरी गाडिय़ाँ एक टोयोटा कोरोला व् दूसरी टोयोटा फॉरचुनर मनोज भाटी की स्कार्पियो गाडी के पीछे लग गई और गाडियों में बैठे युवको ने मनोज भाटी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मोत के घाट उतार दिया था। जिसपर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला थाना सेक्टर 31 में दर्ज किया गया था।

उच्च आधिकारियों के मगर्ग दर्शन मे कार्य करते हुए इंस्पेक्टर विमल राय और उनकी टीम ने पूर्व मे भी कई बदमाशों को काबू किया हैं। फरीदाबाद में रहकर उन्होंने काफी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा है और कई बड़े मामले भी सुलझाए हैं। इसी तरह उन्होंने और उनकी टीम ने मेहनत से काम करते हुए मनोज भाटी हत्याकांड को सुलझाया है।

पूछताछ पर सामने आया कि मुख्य आरोपी विकास उफऱ् विक्की व् अशोक उफऱ् पाटिल को करीब 20 दिन पूर्व कई आपराधिक मुकदमों में पैरोल पर चल रहे अपराधी मनोज मांगरिया ने अपने ठिकाने पर बुलवाया था। जब वे वहां गए थे तो वहां पर सोनू, धर्मेन्द्र व अन्य कई व्यक्ति मौजूद थे। वहीं पर उन्होंने मनोज भाटी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।

सूरजकुंड स्थित खूनी झील के पास छिपने के लिए बनाये हुए गुप्त ठिकाने

योजना के तहत आरोपी विकास व अपराधी मनोज मांगरिया के पडोसी आरोपी अशोक पिछले कई दिनों से मनोज भाटी की रेकी आरोपी सोनू के द्वारा दी गई कोरोला कार में सवार होकर कर रहे थे।
हत्या के लिए 4-5 शार्प शूटरो को बहार से बुलवाया गया था जो सभी 4-5 शार्प शूटरो को खाने पीने व रहने की व्यवस्था आरोपी धर्मेन्द्र ने की थी। हत्या वाले दिन जैसे ही उन्हें पता चला की मनोज भाटी अपने दोस्त सददाम के ऑफिस पर बैठा है वह तुरंत 2 गाडियों में सवार होकर वहा पहुँच गए और हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।

हत्या के बाद सभी आरोपी दोनों गाडियों में सवार होकर यमुना की तरफ भाग गए व एक गाडी को पुलिस को गुमराह करने की नियत से तिगाँव ऐरिया में छोड़ दिया था। आरोपी अशोक पाटिल ने गोली चलाई थी। आरोपी विकाश सहित गिरफ्तार 4 आरोपी रैकी करने व वारदात में शामिल थे।
वारदात में मुख्य बदमाश मनोज मांगलिया भी शामिल था जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्राइम ब्रांच द्वारा बदमाशों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जायेगा, पुलिस रिमाण्ड के दौरान बदमाशों से वारदात में प्रयोग हथियार, फॉरचुनर गाड़ी और वारदात मे शामिल अन्य बदमाशों के ठिकाने के बारे पता कर वारदात के बारे मे गहनता से पूछताछ की जाएगी।

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