अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली सहित अनेक ब्राह्मण, संत के अलावा महिला एवं पुरूषों ने कथा का श्रवण किया

फरीदाबाद, 25 मार्च । महाराजा अग्रसेन विवाह समिति द्वारा महाराजा अग्रेसन भवन सैक्टर-19 के विशाल प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथा व्यास महंत श्री राधेश्याम व्यास जी महाराज ने कथा श्रवण करने आए श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि साकार, मूर्ति रूप शिव के गंगा, भालचन्द्र, त्रिनेत्र, सर्पमाला, तन भस्मी, बाघम्बर धारण, त्रिशूल-डमरू व नन्दी सवारी कब, क्यों व कैसे धारण करें, ब्रह्मा द्वारा श्रृष्टि रचना कैसे, सती जन्म, शिव से विवाह एवं अंत में मरण क्यों, कैसे हुआ, दूसरा जन्म पार्वती का क्यों आदि के बारे में विस्तार से बताया।

कथा में मुख्य रूप से महाराजा अग्रेसन विवाह सेवा समिति के प्रधान ब्रह्म प्रकाश गोयल, संरक्षक अनिल गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोहरलाल सिंघल, उपाध्यक्ष इन्द्रपाल गर्ग, आशा रानी, रजत गोयल, पवन गर्ग, बीएम जिन्दल, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली सहित अनेक ब्राह्मण, संत के अलावा महिला एवं पुरूषों ने कथा का श्रवण किया।

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