हरियाणा में हजारों कर्मचारी और मजदूरों की हड़ताल !

चंडीगढ़/हरियाणा। हरियाणा के हजारों कर्मचारी और मजदूर हड़ताल पर हैं। शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी रात दस बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की सैकड़ों अखिल भारतीय फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया है। हरियाणा सरकार हड़ताल को अवैध करार दे चुकी है। हड़ताली कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज की जाएगी। हड़ताल में राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगम, परिषदों, पालिकाओं और केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी शामिल होंगे।
इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी ने दावा किया कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल अभूतपूर्व होगी। केंद्र सरकार कोरोना को अवसर मानकर सार्वजनिक क्षेत्र को तेजी से निजी घरानों को सौंप रही है। किसानों व मजदूरों के तीखे विरोध के बावजूद कॉरपोरेट घरानों को मदद पहुंचाने के लिए तीन कृषि कानून लाए गए। 44 श्रम कानूनों को समाप्त करने, डीए की कटौती करने से कर्मचारियों एवं मजदूरों में आक्रोश है। हड़ताली कर्मचारी अपने कार्यालयों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
संघ के वरिष्ठ लोगों ने बताया कि सरकार आर्थिक संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों की कोई भी मांग मानने से इंकार कर रही है। दूसरी तरफ बरोदा उपचुनाव से ठीक पहले आर्थिक संकट में 21 बोर्ड व निगमों के चेयरमैन बनाकर करोड़ों रुपये का खर्च बढ़ा दिया।



