गाजीपुर-यूपी बॉर्डर जाने के रास्ते बंद, सिंघु बॉर्डर पर हिंसा !

दिल्ली : सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों में जबरदस्त पत्थरबाजी, झड़प और हिंसा होने की खबर है। तलवार जैसे घातक हथियार से हुई हिंसा में एक पुलिसकर्मी और दो लोगों के घायल होने से माहौल गरमा गया है। सिंघु बॉर्डर पर हिंसा को देखते हुए गाजीपुर से यूपी बॉर्डर पर आवागमन रोक दिया गया है। सराय काले खां से गाजियाबाद जाने वाले फ्लाईओवर का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है, तो गाजीपुर सब्जी मंडी के पास के फ्लाईओवर के ऊपर से आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
अचानक किए गए इस बदलाव के कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गया है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूपी गेट पर जहां आंदोलनकारी डटे हैं, वहां एनएच-24 पर दोनों तरफ से धरनास्थल पर लोगों के आने पर रोक लगा दी गई है। सराय काले खां तक जाने के लिए लोगों को आईटीओ होकर जाना पड़ रहा है, तो गाजीपुर सब्जी मंडी पर लोगों को आनंद विहार और वैशाली की तरफ से मुड़कर जाना पड़ रहा है। इससे आवामगन बाधित हो रहा है और दोनों ही जगहों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है।

दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक सिंघु बॉर्डर पर तेज हिंसा की खबर आने के बाद प्रशासन को सतर्क कर दिया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर स्थानीय लोगों के आंदोलन के विरोध में एकत्र होने की अब तक कोई सूचना नहीं आई है, लेकिन किसी चूक से बचने के लिए प्रशासन अभी से सतर्क हो गया है।
यूपी गेट पर लगातार जमा हो रही है भीड़ : गुरुवार शाम को राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर किसानों से आंदोलन के समर्थन में सामने आने की अपील की थी। इससे रात के समय से ही भारी संख्या में किसान जुटने लगे। रास्तों पर प्रतिबंध के बाद भी शुक्रवार सुबह से यूपी गेट पर किसानों का जत्था लगातार जुटता जा रहा है। दोपहर तक यूपी बॉर्डर पर लगभग दस हजार किसान जुट चुके हैं।
किसान नेता सुखबीर सिंह यादव के मुताबिक राकेश सिंह टिकैत की अपील के बाद बागपत सहित पूरे पश्चिमी क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों से किसानों के बड़े-बड़े जत्थे यूपी बॉर्डर के लिए निकल चुके हैं। यह क्रम शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहेगा। शनिवार और रविवार को यूपी गेट पर किसानों की एक और बड़ी पंचायत आयोजित की जा सकती है।



