नो समोकिंग डे पर धूम्रपान से दूर रहने का आह्वान

फरीदाबाद : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद की जे आर सी और एस जे ए बी ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में नो समोकिंग डे पर जागरूकता कार्यक्रम में धूम्रपान से दूर रहने का आह्वान किया। जे आर सी, एस जे ए बी और गाइडस सदस्यों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभागिता की। जूनियर रेड क्रॉस काउन्सलर और प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि धूम्रपान का सेवन बढ़ता ही जा रहा है। सबसे व्यथित करने वाला तथ्य यह है कि धूम्रपान करने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण के चुंगल में सरलता से आ रहे हैं क्योंकि वे सिगरेट को उंगलियों के बीच पकड़ते हैं और उनकी उंगलियों से उनके मुंह में वायरस आसानी से प्रवेश कर जाता है। इसके अतिरिक्त धूम्रपान करने वाला व्यक्ति पहले ही कमजोर फेंफड़ों या फेंफड़े के रोगों का शिकार होता है जो कि उनमें गंभीर बीमारी के जोखिम को और बढ़ा देता है।

धूम्रपान से रक्त कैंसर, पित्त कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, बृहदान्त्र और मलाशय कैंसर, ग्रासनली कैंसर, किडनी और मूत्राशय कैंसर, पेल्विक कैंसर, गले, फेंफड़े, मुंह का कैंसर, अग्नाशय, आमाशय, श्वास नली के कैंसर आदि की संभावना बढ़ जाती है। हृदय रोग की समस्याओं से होने वाली हर चार में से एक मृत्यु बीड़ी व सिगरेट सेवन करने वाले लोगों की होती है। फेफड़ों के पश्चात स्मोकिंग का सबसे ज्यादा असर इंटीग्यूमेंट्री सिस्टम पर होता है। इस से आपके स्किन में साफतौर बदलाव देखा जा सकता है। हाल ही में हुई एक अध्ययन के अनुसार, स्मोकिंग करने से स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। स्मोकिंग से नाखूनों में फंगल इंफेक्शन होने लगता है और बाल तेजी से झड़ने और सफेद होने लगते हैं। स्मोकिंग से मुंह, गले और ग्रासनली का कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। स्मोकिंग करने वाले ज्यादातर लोग पैनक्रिएटिक कैंसर का शिकार होते हैं स्मोकिंग का इंसुलिन पर भी प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से टाइप टू डायबिटीज और इससे जुड़े जोखिम बढ़ने की संभावना हो जाती है धूम्रपान से चर्बी, वसा व लिपिड रक्त में बढ़ जाते हैं।

एचडीएल कोलेस्ट्रॉल कम हो जाते हैं। रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपने परिवार के सदस्यों, विद्यालय के छात्र छात्राओं, अध्यापकों, बंधुओं और सह कर्मियों में बीड़ी और सिगरेट व ऐसे उत्पादों की स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले तथ्यों को खुलकर बताएं और चर्चा करें, जिससे हमारे युवा पीढ़ी के भविष्य की रक्षा हो सके क्योंकि युवाओं को आकर्षित करने के लिए निकोटिन उत्पादों को बेचा जा रहा है। धूम्रपान करने वालों में से अधिकांश लोग इस आदत की शुरुआत करते हैं जब वे किशोर होते हैं, इसलिए उन्हें धूम्रपान से दूर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। छात्रा प्रीति, हर्षिता, संध्या, तबिंदा, अंशिता, शिवानी, भूमिका, कोमल राघव, निशा, तनु, यशिका और एकता ने बहुत ही ने शानदार पोस्टर बना कर धूम्रपान सेवन के दुष्प्रभावों को उल्लेखित करते हुए एन से दूर रहने की जरूरत बताई। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने विशेषतः जसनीत कौर और आशा वर्मा का बच्चों धूम्रपान सेवन से बचने और दूसरों को जागरूक करने के लिए प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

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