महालक्ष्मी मंदिर को भव्य रूप दिया जायेगा : उमेश अग्रवाल

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 25 फरवरी। गुरुग्राम के सेक्टर 5 के कम्यूनिटी सेंटर के पास निर्माणाधीन महालक्ष्मी मंदिर को एक भव्य रूप देने की योजना पर यहां के अग्रवाल समाज के द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है! अग्रवाल समाज की कुलदेवी माता महालक्ष्मी है और गुरुग्राम के इस महालक्ष्मी मंदिर को स्वर्णजडि़त रूप देने की योजना है! इस योजना को एक बड़ा रूप देने के लिए सेक्टर 5 के कम्यूनिटी सेंटर में वैश्य फाउडेंशन (रजि.) के द्वारा प्रथम वार्षिकोत्स्व आयोजित किया गया जिसमें लगभग 250 वैश्य बंधुओं ने भाग लिया! संस्था के मुख्य सरंक्षक पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि इस निर्माणाधीन महालक्ष्मी मंदिर को एक भव्य रूप दिया जायेगा! उन्होंने समाज के सभी वैश्य बंधुओं से कुलदेवी माता महालक्ष्मी मंदिर के साथ जुडऩे का आह्वान किया! उमेश अग्रवाल ने आगे बताया कि मंदिर का कार्य पूरा होने के बाद वैश्य फाउंडेशन बाद में शिक्षा व स्वास्थ्य आदि अन्य क्षेत्रों में भी कार्य करेगी! कार्यक्रम का प्रारंभ दीपप्रज्वलन के साथ हुआ!

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए प्रधान दिनेश अग्रवाल ने बताया कि सभी वैश्य बंधुओं ने हमारा अभी तक बहुत सहयोग किया है तथा आगे भी हम उन से इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा करते हैं! उन्होंने पधारे हुए सभी लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें मंदिर निर्माण के लिए चल रहे धर्मार्थ के इस पुण्य कार्य में अधिक से अधिक जुडऩे का आह्वान किया और सहयोग करने के अनेकों माध्यम बताते हुए सभी का धन्यवाद किया! महासचिव मुकेश सिंघल ने बताया कि वैश्य फाउंडेशन में अभी तक 68 ट्रस्टी व लगभग 300 आजीवन सदस्य बन चुके हैं! अब अगले तीन माह में इस सदस्य संख्या को बढ़ाकर एक हजार तक करने का लक्ष्य रखा गया है! कार्यक्रम में पहुंचे सभी ट्रस्टियों का पटका पहना कर स्वागत किया गया!
मंच का संचालन उधोगपति संजीव अग्रवाल ने बड़ी कुशलतापूर्वक किया! सभी उपस्थित गणमान्य लोगों की तरफ से प्रधान जीआईए जे.एन.मंगला ने वैश्य फाउंडेशन की कार्यकारिणी को आश्वश्त किया कि उन्हें भविष्य में सभी का भरपूर सहयोग मिलता रहेगा! कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा गणेश वंदना व अन्य मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बाद इनकी प्रतिभा को देखते हुए पारितोषिक दिए गये! अंत में सचिव नरेश गुप्ता ने उपस्थित वैश्य बंधुओं का धन्यवाद किया!



