महिलाओं को कानूनों के प्रति किया गया जागरूक

  • महिला एवं पुरुष को कानून में बराबर का अधिकार है

फरीदाबाद, 07 अक्टूबर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सीजेएम कम् सचिव मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि इस वर्ष भारत स्वतंत्रता के 75वे वर्ष को “आजादी का अमृत महोत्सव” के रूप में मना जा रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्नाधिकरण ने फतेहपुर चंदीला फरीदाबाद में सभी को अपने मौलिक अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए पैनल अधिवक्ता, सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके तहत लोगों को जागरूक करते हुए बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाएं महिलाए,बच्चे व बुजुर्ग (सीनियर सिटिजन) चाहे वे किसी वर्ग के हो,पढे लिखे या न हो उनकी आय कुछ भी हो उन्हे मुफ्त कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाती है। महिलाओं के क्या अधिकार हैं उनके प्रति जागरूक किया गया।

विमल खंडेलवाल ने बताया कि बाल कल्याण एवं आंगनवाड़ी कर्मियों के द्वारा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। उनको टोल फ्री नंबर 0129 2261898 भी दिए गए यदि किसी को कोई इस प्रकार की घटना होते हुए मिले तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सेक्टर 12 कोर्ट में स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जनता को अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। आज विशेष रूप से महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान लोगों को सावधानी बरतने के लिए भी संदेश दिया गया। वह समाज से अपील की गई कि अपने बच्चों को पढ़ाई से वंचित ना रखें। पढ़ा लिखा इंसान अपने अधिकारों के प्रति सदैव सजग होता है ।सीजेएम ने बताया कि आज वीरवार को जय सेवा फाउंडेशन के संस्थापक विमल खंडेलवाल ने गांव फतेहपुर चंदीला में प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता, सुनीता शर्मा, सुमन फुले, सुपरवाइजर समिता धीमान, आंगनवाड़ी वर्कर्स, लता, मीणा, तरुणा, पूनम, नीलम, सुनीता एवं अन्य समाज की महिलाएं उपस्थित थी।

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