1 अप्रैल कबाड़ हो जाएंगे 15 साल पुराने वाहन, 8 साल पुरानी गाडिय़ों पर लगेगा ग्रीन टैक्स !

  • सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई वाहन कबाड़ नीति को मंजूरी दे दी है !

नई दिल्ली : सरकार पिछले कुछ दिनों से वाहन कबाड़ नीति पर काम कर रही है। लगातार खबरें आ रही हैं कि सरकार जल्द ही इस पॉलिसी को लागू करने जा रही है। इसका फायदा यह होगा कि इस नीति के लागू होने के बाद पुराने और असुरक्षित वाहन सडक़ों से हट जाएंगे, जो अभी भी सडक़ों पर चल रहे हैं। साथ इससे प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई वाहन कबाड़ नीति को मंजूरी दे दी है, साथ ही पुराने वाहनों को कबाड़ में देने के बदले नए वाहन खरीदने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भी देगी।

मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक नितिन गडकरी ने सरकारी विभाग और सार्वजनिक उपक्रमों के स्वामित्व वाले वाहनों को डी-रजिस्टर करने और उन्हें कबाड़ घोषित करने की नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 15 साल पुराने वाहनों को सडक़ों से हटा दिया जाएगा। यह नीति एक अप्रैल 2022 से लागू होगी। फिलहाल सरकार 2022 से इसे लागू करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों की मंजूरी का इंतजार कर रही है।

यह नीति उन वाहनों पर लागू होगी, जो 15 साल से पुराने हैं। वहीं इनमें न केवल निजी वाहन शामिल होंगे बल्कि सरकारी और पीएयूवी विभागों की गाडिय़ां भी शामिल होंगी। वहीं पॉ़लिसी को लेकर अधिसूचना इसके 01 अप्रैल 2022 से लागू होने से पहले ही जारी की जाएगी।

जुलाई 2019 में वाहन कबाड़ नीति को शामिल करने को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया था। इसके तहत पुराने वाहनों को सडक़ से हटाने और नए सुरक्षित और कम प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति बनाई गई थी।

क्या होंगे वाहन कबाड़ नीति के फायदे : नई वाहन कबाड़ नीति के आने से भारत में वायु प्रदूषण के स्तर में काफी हद तक कमी आएगी। साथ ही इसे देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को भील फायदा होगा, क्योंकि नए वाहनों की मांग बढ़ेगी। सरकार लगातार वाहनों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए सुरक्षा मानक लागू कर रही है, इस नीति से पुराने असुरक्षित वाहन सडक़ों से हटेंगे। नए सुरक्षा मानक वाले वाहनों से सडक़ पर आने से यात्रा सुरक्षित बनेगी। इसके अलावा सरकार तेल आयात पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है, इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से सरकार का यह उद्देश्य पूरा हो सकता है।

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