अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा (एबीवीजीएम) के द्वारा गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई

फरीदाबाद (मनीष शर्मा) : अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा (एबीवीजीएम) के द्वारा जिला कार्यालय नगला एनक्लेव पार्ट 2 में गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। सर्वप्रथम उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेश फागना ने बताया कि गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान गुर्जर समाज के सम्राट थे इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं। पृथ्वीराजविजयमहाकाव्यं संस्कृत महाकाव्य है। इसे हिन्दी में पृथ्वीराज विजय महाकाव्य भी कहा जाता है। पृथ्वीराज विजय महाकाव्य में तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की मुहम्मद गौरी पर विजय का वर्णन है। इसमें तराइन के द्वितीय युद्ध का उल्लेख नहीं है। इसकी रचना लगभग 1191-92 में पंडित जयानक नामक कश्मीरी कवि ने की जोकि गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज के राज कवि थे।
गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जन्म जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष द्वादशी विक्रमी संवत 1206 (1149 ईसवी) में हुआ था। इसका वर्णन पृथ्वीराज विजय महाकाव्य के सर्ग 7 के श्लोक नंबर 50 में मिलता है। पृथ्वीराज विजय महाकाव्य के सर्ग 10 के श्लोक नंबर 50 में पृथ्वीराज के किले को गुर्जर दुर्ग लिखा है और सर्ग 11 के श्लोक नंबर 7 और 9 में गुर्जरो द्वारा गौरी को पराजित करने का वर्णन है। पृथ्वीराज रासो भाग 1 के आदि पर्व के छंद 613 में पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर को गुर्जर लिखा है और लिखा है कि सांभर पर गुर्जर नरेश का शासन है। रासो मे गुर्जर और अहीर जाति को बलवान बताया गया है।
इस अवसर पर चौ चतर सिंह फागना, महेश लोहिया, पप्पू मावी ( जिलाध्यक्ष ), गजेंद्र भड़ाना, अनिल राठी, सतीश बैसला, सुरेंद्र भड़ाना, कमल हरसाना, रिंकू नागर, सुरेश ठेकेदार, तुषार फागना, दीपेश लोहिया, नितेश लोहिया, आकाश मावी, राहुल तंवर आदि मौजूद रहे।



