एल एन सचदेवा ने वृद्धाश्रम व कोरोना महामारी में संगठन के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के खर्चों के लिए दो चैक दिए

फरीदाबाद : एक कहावत सुनी होगी आपने ‘‘बिन मांगे मोती मिले, मांगे मिले ना भीख’’ जो मिलने वाला होता है वह बिना मांगे भी मिल जाता है। संगठन के संस्थापक प्रवेश मलिक ने बताया कि कुछ दिनों पहले मिशन जागृति के संस्थापक सदस्यों में से एक एल एन सचदेवा का फोन आया कि मिशन जागृति बहुत बढिय़ा काम कर रही है, एक बार आओ मिलो। जब टीम सचदेवा के घर पहुंची तो बहुत मान-सम्मान मिला, कुछ गाइडेंस भी मिली, हम किस तरीके से और समाजसेवा में बेहतर कर सकते हैं। सचदेवा ने कहां कि सेवा करते हुए हम सबको शासन और प्रशासन के नियमों का ध्यान रखना है और विशेषकर जो साथी सेवा में लगे हुए हैं उनको अपना बहुत ज्यादा ध्यान रखना है क्योंकि आप सभी स्वयंसेवक बहुत ही अमूल्य धरोहर है इस समाज की।
सभी साथी उस वक्त अचंभित रह गए जब सचदेवा ने जाते हुए दो चेक भेंट करें एक चेक मिशन जागृति द्वारा बनने वाला वृद्धाश्रम के लिए और दूसरा इस महामारी में संगठन के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के खर्चों के लिए। मिशन जागृति के संस्थापक प्रवेश मालिक ने बताया कि सचदेवा उनके बॉस भी रह चुके हैं और आज भी उनके मोबाइल में उनका नाम बॉस के नाम से ही सेव किया हुआ है। वास्तव में एल एन सचदेवा बहुत ही नेक इंसान हैं जिनको पूरी मिशन जागृति बारंबार धन्यवाद करती है, नमन करती है। प्रवेश मलिक ने कहा कि आज महसूस हो रहा है कि मिशन जागृति सही रास्ते पर है क्योंकि जब गणमान्य व्यक्ति खुद आपको बुलाकर आपका हौसला बढ़ाते हैं तो सही मायने में सेवा करने का और साहस होता है!



