20 लाख रुपए चोरी की झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने के मामले में भूपानी थाने में आरोपी के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई

– सरपंच पद के चुनाव में भाई को वोट नहीं डालने पर रंजिश रखते हुए निर्दोष को फसाने के लिए रचा था ड्रामा

फरीदाबाद : झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने तथा पुलिस तथा अदालत का कीमती समय बर्बाद करने के मामले में झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा द्वारा सख्त कार्रवाई करने के दिशा निर्देश के तहत कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना भूपानी प्रभारी रणधीर कुमार व उनकी टीम ने 20 लाख रुपए चोरी की झूठी शिकायत देने वाले आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि 13 अगस्त की रात ताजपुर गांव के रहने वाले विजय नाम के व्यक्ति ने 112 पर फोन करके सूचना दी कि उसके घर से 20 लख रुपए की चोरी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और थाना पुलिस को सूचित किया गया। शिकायतकर्ता को लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया जिस पर विजय ने 14 अगस्त को थाने में दी अपनी शिकायत में बताया कि वह 13 अगस्त को रात करीब 9:00 बजे अपने पोते पोती के जन्मदिन पर बाहर गया था। जब वह वापस आया तो बेड में रखा हुआ सामान बिखरा हुआ था और उसमें रखे 20 लाख रुपए जो उसने अपना एक प्लॉट बेचकर जमीन खरीदने के लिए रखे थे वह गायब हो चुके थे। विजय कुमार ने बताया कि उसे बिजेंद्र व उसके दो बेटों सन्नी तथा बॉबी पर पूरा-पूरा शक है।

शिकायत के अनुसार पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। इसके पश्चात दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर पूछताछ की गई जिसमें पुलिस पूछताछ के दौरान थोड़ी देर में ही मामला सामने आ गया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजय कुमार ने झूठी शिकायत दी थी। दरअसल विजय कुमार के चाचा के लड़के पवन ने पंचायत चुनाव लड़ा था जिसमें वह सरपंच पद पर विजई हुआ। विजय ने बताया कि बिजेंद्र ने चुनाव में उसके भाई को वोट नहीं डाले इसलिए वह विजेंद्र से रंजिश रखने लगा और उसे झूठे मुकदमे में फसाने के लिए उसने यह सारा ड्रामा रचा था। सारी सच्चाई सामने आने के पश्चात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ कलंदरा दर्ज किया है जिसे माननीय अदालत में प्रस्तुत करके आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पुलिस आयुक्त द्वारा झूठी शिकायत देकर किसी निर्दोष को सजा दिलाने वाले तथा पुलिस तथा अदालत का वक्त बर्बाद करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। झूठी शिकायत देने की वजह से पुलिस निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ जांच करती है और काफी लंबी जांच के बाद सामने आता है कि दी गई शिकायत झूठी है और जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है वह निर्दोष है। इस प्रकार की झूठी शिकायतों को वजह से निर्दोष व्यक्ति को बहुत सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है और उसे कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसी निर्दोष व्यक्ति को इसकी वजह से हानि न पहुंचे तथा समय की बर्बादी न हो इसीलिए झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने फायदे के लिए इस प्रकार की हरकत ना करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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