शिक्षा की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए काम करें संबद्ध शिक्षण संस्थान : कुलपति प्रो. तोमर
कुलपति ने संबद्ध शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की

कहा – अकादमिक स्वायत्तता के लिए खुद को तैयार करें संबद्ध शिक्षण संस्थान
फरीदाबाद, 26 अप्रैल : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने संबद्ध संस्थानों से राज्य एवं केंद्रीय नियामक निकायों द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानदंडों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के मानकों को बनाए रखने की दिशा में काम करने को कहा है।
कुलपति प्रो. तोमर एनजीएफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पलवल में आयोजित सभी संबद्ध संस्थानों के निदेशक-प्राचार्यों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन संबद्ध कॉलेजों से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए किया गया था। बैठक में डीन (संस्थान) प्रो. तिलक राज, डीन (अकादमिक) प्रो. अतुल मिश्रा, डीन छात्र कल्याण प्रो. मुनीश वशिष्ठ, परीक्षा नियंत्रक प्रो. कोमर भाटिया, उप कुलसचिव (संबद्धता) मुनीश गुप्ता, एनजीएफ कालेज के निदेशक डॉ. शरद कौशिक के साथ-साथ सभी संबद्ध संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए प्रो. तोमर ने कहा कि एनईपी-2020 संबद्ध संस्थानों को अकादमिक स्वायत्तता प्राप्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने संस्थानों से नियामक निकायों द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करके अकादमिक स्वायत्तता प्राप्त करने के लिए रूपरेखा तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि अकादमिक स्वायत्तता उन्हें अपने अकादमिक-संबंधी निर्णय लेने में अधिक स्वतंत्र बनाएगी।
कुलपति ने संस्थानों से नैक और एनबीए मान्यता प्राप्त करने और एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए काम करने के लिए कहा। प्रो. तोमर ने सुझाव दिया कि संबद्ध संस्थान अपने पास उपलब्ध सुविधाओं को आस-पास के संस्थानों के साथ साझा करके अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर सकते है। कुलपति ने संबद्ध संस्थानों को उद्योग एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ अकादमिक समझौतों करने के लिए प्रेरित करते हुए अनुसंधान एवं नवाचार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर बल दिया।



