नीमका जेल में बंदी बना रहे फेस मास्क

फरीदाबाद, 16 अप्रैल। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिला कारगार की ओर से भी अहम कदम उठाए गए हैं। अब जेल में बंद कैदियों ने कोरोना योद्धाओं के लिए मास्क तैयार करना आरंभ कर दिया है। इस वायरस से शरीर को सुरक्षित रखने का बेहतर इंतजाम एक तो सामाजिक दूरी है, दूसरा बाहर जाने की स्थिति में फेस मास्क का प्रयोग करना है।
जिला जेल के अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जब कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को रोकने के लिए हर तरफ मास्क की डिमांड बढ़ने लगी तो उन्होंने बंदियों से मास्क तैयार करने को कहा गया। इस पर बंदी तुरंत तैयार हुए और मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया। इस समय जिला जेल फरीदाबाद में 8 पुरूष व आठ महिला बंदी प्रतिदिन मास्क बनाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अब तक कड़ी मेहनत से करीब 15 हजार से अधिक डिस्पोजल फेस मास्क व एक हजार 500 से अधिक कपड़े के मास्क तैयार किए हैं।

उन्होंने बताया कि तैयार फेस मास्क को स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाया गया व कई अन्य स्थानों पर वितरित किया गया है। अब तक करीब 5 हजार फेस मास्क सिविल सर्जन फरीदाबाद को तथा 3 हजार 900 फेस मास्क सिविल अस्पताल बल्लबगढ़ को उनकी मांग के अनुसार प्रदान किए गए हैं। इसी प्रकार करीब 200 फेस मास्क जिला जेल पलवल तथा 100 फेस मास्क बाल सुधार गृह फरीदाबार के स्टाफ व बंदियों के लिए भेजे गए हैं। इसी प्रकार नीमका जेल के बंदियों व जेल स्टाफ के कर्मचारियों को भी मास्क वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कारागार में बंदियों द्वारा निरंतर मास्क तैयार किए जा रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सके।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!