योग से स्वस्थ तन-मन, प्रकृति से सुरक्षित जीवन : योग को जीवन का संस्कार बनाकर ही होगा विकसित भारत का निर्माण विपुल गोयल

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जगाधरी में विशेष योग सत्र में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

जगाधरी : 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चौधरी देवी लाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय, जगाधरी में हरियाणा योग आयोग एवं आयुष विभाग, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष योग सत्र कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने योग साधकों, नागरिकों, अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया तथा प्रदेशवासियों से स्वस्थ आयु के लिए योग और योग युक्त, नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। भारत की हजारों वर्षों पुरानी यह अमूल्य धरोहर आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का मार्ग दिखा रही है। आज पूरा विश्व “स्वस्थ आयु के लिए योग” के संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान वैश्विक कल्याण का आधार बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, बढ़ता तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक ऐसी जीवनशैली है, जो व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाती है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय योग, व्यायाम और पैदल चलने के लिए निकालें तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि आज जापान, फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है। जापान में योग को मानसिक शांति और कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम माना जाता है, जबकि यूरोप के देशों में इसे तनावमुक्त जीवन और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाया जा रहा है। खाड़ी देशों में भी योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति विश्व के बढ़ते सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल देता है तथा योग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम के रूप में उभरा है। योग ने भारत को केवल विश्व गुरु की पहचान ही नहीं दी, बल्कि विश्व कल्याण के मार्गदर्शक के रूप में भी स्थापित किया है।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग की वैश्विक यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” का संदेश पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मोटापे के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा अपने स्वास्थ्य के लिए निकालने का आग्रह करते हुए कहा कि थोड़ा टहलना, थोड़ा पसीना बहाना और शरीर को सक्रिय रखना स्वस्थ जीवन की कुंजी है। आज गांवों और शहरों में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं, जो एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। योग केवल रोगों से बचाव का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम और आत्मबल का मार्ग भी है, जो व्यक्ति को “मैं” से “हम” की यात्रा का संदेश देता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव, स्वच्छ पर्यावरण और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए योग एवं प्रकृति के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी ही विकसित हरियाणा और विकसित भारत की आधारशिला है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस या उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। जब प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ होगा, प्रत्येक परिवार खुशहाल होगा, तभी विकसित हरियाणा और विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। योग से ही निरोग भारत और समर्थ भारत का निर्माण संभव है।

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