मालखाना से हथियार चोरी करने के मामले में आईटीआई विद्यार्थी सहित 20 आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
अपराध शाखा सेक्टर 30 द्वारा की गई कर्रवाई

फरीदाबाद : 9 मई को प्रबंधक थाना सेक्टर 8 निरीक्षक राजबीर सिंह द्वारा मालखाना का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना मालखाना से हथियार गायब मिले। जिस पर थाना सेक्टर 8 में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार अपराध शाखा की टीमों का गठन कर घटनाक्रम में त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। अपराध शाखा सेक्टर 30 की टीम ने सफलता हासिल करते हुए आईटीआई विद्यार्थी मोनू सहित 20 आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है और चोरी किए गए सभी हथियार बरामद कर लिये हैं।
उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोनू वासी गांव करनेरा फरीदाबाद, विपिन कुमार वासी वासी तिजारा राजस्थान, संजय सुनारिया वासी तिजारा राजस्थान, सरिता वासी गांव करनेरा फरीदाबाद, पवन वासी गांव कमालपुर खैरथल राजस्थान, अजय वासी जीवन नगर पार्ट – 2 गोच्छी, मुजेसर, अंकित वासी बेसलवा कॉलोनी ओल्ड फरीदाबाद, बलवान वासी गांव डूंगरवास रेवाड़ी, प्रदीप वासी गांव मिलकपुर भिवाड़ी, दीपक उर्फ बल्ली वासी मिल्कपुर तिजारा, पुष्पेंद्र, अमन, सचिन, अमित, आशीष वासीगण जिला गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश, दिनेश उर्फ दीनू जिला रेवाड़ी, मुहम्मद तालीम वासी गांव घासेड़ा जिला नूँह, धीरज वासी गांव पोंडरी जिला पलवल, राहुल वासी गांव भोगीपुर जिला मेवात, प्रवीण सहरावत वासी गांव हसनपुर नूँह के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि मोनू आईटीआई विद्यार्थी था और कंप्यूटर का डिप्लोमा कर रहा था। मोनू अप्रेंटिस के लिये पुलिस विभाग में आया था। जिसको थाना सेक्टर 8 में कंप्यूटर के काम के लिए भेजा गया था। जिसके द्वारा अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच थाना के मालखाना से हथियार चोरी की वारदात को अंजाम दिया था और फिर हथियारों को अपने मामा के लड़के विपिन के माध्यम से तिजारा निवासी संजय को दिये थे। इसके बाद इन हथियारों को चैन के माध्यम से अलग-अलग लोगों को धारूहेड़ा, भिवाड़ी, रेवाड़ी, गौतम बुध नगर, पलवल, नूँह आदि क्षेत्र में भेजा गया था। अपराध शाखा की टीम ने तकनीकी आधार पर कार्रवाई की और हथियारों को बरामद कर आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
उन्होंने आगे बताया कि इस घटनाक्रम में ESI बिजेंद्र सिंह, मालखाना इंचार्ज की लापरवाही सामने आई थी, जिसके आधार पर उसको निलंबित कर विभागीय जांच की जा रही है।



