आत्महत्या करना कोई समाधान नहीं : फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया

गुरुग्राम/मुंबई (मदन लाहौरिया)। आज के वर्तमान परिवेश में तेजी से बढ़ते विज्ञान, बुद्धि संपन्नता, धन संपन्नता व असीमित सफलताओं के होने पर भी आज हमारे देश के फिल्मी सितारें अवसादग्रस्त क्यों हैं? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं गंभीर सवाल है! अनेक डिग्रियां, अनेक उपलब्धियों व सफलताओं की अनेक ऊंचाइयां छूने के बावजूद भी फिल्मी सितारें अपना जीवन संतुष्टि भरा क्यों नहीं जी पाते? यह गंभीर प्रश्न भारत के फिल्मी जगत के एक युवा उभरते स्टार सुशांत सिंह राजपूत के द्वारा आत्महत्या किये जाने के बाद बड़ी तेजी से पूरे देश में उभर कर आया है!

इस बारे में फिल्मी जगत के युवा व अनुभवी फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया से जब बातचीत की गई तो उन्होंने सीधे सीधे तौर पर बतलाया कि हमें हालातों से मुकाबला करना चाहिये! आत्महत्या करना कोई समाधान नहीं है! जानकारी के लिए फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया हरियाणा के हिसार नगर से संबंध रखते हैं एवं पत्रकार व लेखक तथा ज्योतिषाचार्य मदन लाहौरिया भी हिसार नगर से ही हैं! फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया की माता जी हिसार ही रहती हैं और समय समय पर अपनी माँ का आर्शीरवाद लेने राजीव भाटिया हिसार आते रहते हैं! हिसार नगर से ही मशहूर फिल्म स्टार यशपाल शर्मा भी फिल्मी जगत में धूम मचा रहे हैं!

फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया ने आगे बताया कि फिल्मी जगत में सभी प्रकार के कलाकार हैं! छोटे,मध्यम व बड़े कलाकार देश के भिन्न भिन्न प्रदेशों से आ कर मुंबई के फिल्मी जगत में अपनी प्रतिभा निखारने व फिल्मों में काम करने के लिए संघर्षरत रहते हैं! राजीव भाटिया ने बतलाया कि देश के कोने कोने से आये हुए इन कलाकारों को मुंबई के फिल्मी जगत में अपना स्थान बनाने में लगभग 20 वर्ष तक लग जाते हैं और कई कलाकारों को तो 25-25 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ता है! परंतु उस संघर्ष का ये अर्थ कतई नहीं है कि वो कलाकार अपना हौसला छोड़ कर आत्महत्या कर बैठे!

फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया का कहना है कि जीवन को बीच मझधार में छोडऩा कतई ठीक नहीं है! खुशियां जब आती हैं तो हमें वे खुशियां नॉर्मल लगती हैं और हम उन खुशियों को अपने जीवन में एक नॉर्मल लाइफ की तरह मान लेते हैं परंतु जब दु:ख तकलीफ या कोई कष्ट आते हैं तो हम उन कष्टों को एब्नॉर्मल यानि असाधारण मान कर अपना हौसला क्यों छोड़ देते हैं? खुशियों और कष्टों को अलग-अलग तरीके से मानने की यह हमारी मानसिकता ही मूलत: हमारे अवसाद व तनाव का कारण बनती है!

सुशांत सिंह राजपूत के द्वारा आत्महत्या करने की घटना पर पूछने के बाद फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन के द्वारा आत्महत्या करना सही निर्णय नहीं है! आगे उन्होंने कहा कि इस केस में अभी जांच चल रही है! यदि सुशांत राजपूत ने आत्महत्या की है तो यह बेहद गलत कदम है! उन्होंने कहा कि सुशांत राजपूत एक उभरते हुए अच्छे कलाकार थे परंतु सुशांत ने यह कदम ठीक नहीं उठाया!

आगे उन्होंने बताया कि जब किसी परिवार का कोई भी बच्चा फिल्मी जगत में संघर्ष करता हुआ एक उभरता सितारा बनता है तो उस के परिवार वालों के भी सपने होते हैं! उन सपनों को कुचलते हुए जीवन की बाजी हारनी नहीं चाहिये! हजारों असफलताओं से मुकाबला करते हुए हालातों से जूझना चाहिये! कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने की वजह से फिल्मी जगत पर पड़े मंदी के प्रभाव के बारे में पूछने पर राजीव भाटिया ने कहा कि सभी फिल्म निर्माताओं व फिल्मी कलाकारों पर लॉक डाउन की वजह से काफी प्रभाव पड़ा है! लॉक डाउन की वजह से पूरे फिल्मी जगत की गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं!

आगे उन्होंने बताया कि इस लॉक डाउन के समय में फिल्मों के बारे में अपनी योजनायें भी बदलनी पड़ रही हैं! कुछ फिल्मों को रिव्यू भी करना पड़ रहा है क्यों कि कोरोना वायरस व लॉक डाउन से प्रभावित हो कर फिल्मी जगत में काफी परिवर्तन हो सकते हैं! ऐसे समय में अपना मनोबल बना कर ही सभी युवा फिल्मी कलाकार ऐसे संकटमय समय को निश्चित तौर पर गुजार सकते हैं! सामाजिक समस्याओं पर फिल्में बनाने के बारे में पूछने पर फि़ल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया ने बताया कि फिल्मी जगत एक नवरत्न की तरह है! इन नवरत्नों में सामाजिक, कॉमेडियन, एक्शन व हॉरर भरी फिल्में तथा भ्रष्टाचार एवं राजनैतिक तथा देशभक्ति के विषयों पर फिल्में समाज को दिशा देने के लिए समय समय पर बनती रहती हैं! दर्शकों की पसंद ना पसंद के अनुसार ही समय-समय पर फिल्मों में बदलाव होता रहता है! यह सब कुछ दर्शकों के अलावा फिल्मों के डायरेक्टर व प्रोड्यूसर के अनुभवों पर भी काफी हद तक निर्भर रहता है!

अंत में उन के फिल्मी कैरियर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे फिल्मी जगत में राइटर व डायरेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं! उन्होंने काफी टीवी सीरियलों में डायरेक्शन दी हैं! पगड़ी दा ऑनर फि़ल्म के वे डायरेक्टर व प्रोड्यूसर रहे हैं! यह फिल्म उन्होंने सामाजिक मुद्वे पर ही प्रोड्यूस की है! इस फि़ल्म में फिल्म स्टार यशपाल शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है! बातचीत के अंत में फिल्म डायरेक्टर राजीव भाटिया ने संदेश दिया कि हमें हर हालात में संघर्ष करते हुए अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिये!

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