कूड़े के पहाड़ की राम मंदिर जैसी कारसेवा की जाये !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 2 जनवरी। गुरुग्राम के बंधवाड़ी में गुरुग्राम व फरीदाबाद शहर के 35 लाख टन कूड़े का एक विशाल पहाड़ बन चुका है! कूड़े के इस विशाल पहाड़ की फैली हुई जबरदस्त गंदगी की वजह से आस-पास के इलाकों में रहने वाले सैंकड़ों लोगों को गंभीर बीमारियां हो चुकी है परंतु प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है! पिछले दो वर्षों में इस कूड़े के पहाड़ से ईको ग्रीन कंपनी ने बिजली बनाने का कार्य ले रखा है परंतु आज तक ईको ग्रीन ने इस कूड़े के पहाड़ को निपटाने के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया! गुरुग्राम के काफी समाजसेवी लोगों व पत्रकारों ने समय समय पर इस बारे में बहुत आवाज उठाई परंतु नगर निगम व ईको ग्रीन के अधिकारीयों पर कोई असर नहीं हुआ! एनजीटी कोर्ट ने भी बंधवाड़ी में लगे हुए कूड़े के इस विशाल पहाड़ को निपटाने के लिए कई बार सख्त आदेश दिए लेकिन इस सब के बावजूद हरियाणा सरकार आज तक इस विशालकाय कूड़े के पहाड़ को खत्म करने में असफल रही! यहां के पार्षदों व विधायकों ने भी इस के बारे में कोई जोर नहीं लगाया! गुरुग्राम की जनता में इस कूड़े के पहाड़ से फैली प्रदूषण की समस्या पर तीखी प्रतिक्रिया है और जनता का अब कहना है कि प्रदेश की सत्ता पर बैठी भाजपा सरकार अब आरएसएस के हजारों कार्यकर्ताओं की टीम जुटाकर राम मंदिर की तरह ही एक विशाल कारसेवा इस कूड़े के पहाड़ को निपटाने के लिए आयोजित करे क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी का मुख्य एजेंडा स्वच्छ भारत मिशन है!
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज कुंभ के मेले में स्नान करने के बाद जब पांच सफाई कर्मचारियों के पैर धोये थे तो उस वक्त संबोधित करते हुए कहा था कि सफाई करने से आत्मसंतुष्टि होती है व आत्म सुख की अनुभूति होती है! साथ में ही उन्होंने यह कहा था कि सफाई से प्रभु की सेवा जैसा सुख मिलता है! मोदी के इस संदेश को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भाजपा व आरएसएस के सभी कार्यकर्ताओं की टीम को इस विशाल कूड़े के पहाड़ को निपटाने के लिए एक विशाल कारसेवा के माध्यम से लगा दें! भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने तो विशाल कारसेवा कर के अयोध्या में मस्जिद को ही निपटा दिया था तो फिर यह कूड़े का पहाड़ तो आसानी से निपटाया जा सकता है! नगर निगम व ईको ग्रीन तो हुई अब नाकारा! अब तो केवल भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ता ही कूड़े की जिम्मेवारी संभालेंगे क्योंकि मोदी जी वैसे भी सफाई कर्मचारियों को पूजनीय मानते हैं और उनके पैर धोकर तो राजनैतिक कमाल ही कर दिया था!
मोदी जी के द्वारा जिन पांच सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का राजनैतिक ड्रामा किया गया उस के बारे में जब जनवादी सफाई कर्मचारी कल्याण संघ के सलाहकार राजेंद्र सरोहा से बात की तो तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी केवल ड्रामा कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को सफाई कर्मियों के पैर धोने की बजाय तो उन्हें सम्मानजनक जिंदगी का हक देना चाहिये था! इन सफाई कर्मचारियों के पैर धो कर इन्हें सम्मानित की जगह अपमानित किया गया क्यों कि जब एक तरफ इन के पैर मोदी क द्वारा धोये जा रहे थे तो दूसरी तरफ दिल्ली के जंतर मंतर पर देश के सफाई कर्मचारी अपनी समस्याओं की मांग को ले कर धरना दे रहे थे! राजेंद्र सरोहा ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा सफाई कर्मचारियों के पैर धोना केवल एक राजनैतिक स्टंट था! इसमें कोई सामाजिक संदेश भी नहीं था क्यों कि पैर धोने वाले प्रधानमंत्री मोदी व पैर धुलवाने वाले सफाई कर्मचारी दोनों ही निम्न जातियों से थे! सामाजिक संदेश तो रामायण के एक प्रसंग में देखने को मिलता है जब केवट ने भगवान राम के पैर धोये! भगवान राम तो सूर्यवंशी राजघराने से थे और केवट निम्न जाति से था! वहां तो एक बहुत बड़ा सामाजिक संदेश था परंतु मोदी के द्वारा सफाई कर्मचारियों के पैर धोना एक सुनियोजित योजना के तहत था!
सूत्रों के अनुसार खबर है कि पैर धुलवाने वाले उन पांच सफाई कर्मचारियों को पहली रात में पीएमओ के अधिकारीयों के द्वारा बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी कि पीएम के सामने कैसे बोलना व बैठना है तथा पीएम के सवालों का क्या जवाब देना है! इसके लिए उनकी खास तैयारी कराई गई थी! 40 सफाई कर्मचारियों में से इंटरव्यू लेकर ये पांच सफाई कर्मचारी पैर धोने के लिए चुने गये थे! पैर धोना कोई अचानक घटनाक्रम नहीं था बल्कि सुनियोजित था! राजेंद्र सरोहा ने आगे कहा कि सफाई कर्मचारियों की पुकार है कि उन्हें पूजने से पहले दीजिये उन्हें जीने का अधिकार! सीवर सफाई के समय होने वाली सफाई कर्मियों की मौत पर उनके परिवारों को वे सभी सुविधायें दी जायें जो शहीद होने वालों को दी जाती है! राजेंद्र सरोहा ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर कोरा ड्रामा कर रहे हैं! इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो गुरुग्राम के बंधवाड़ी पर लगा हुआ कूड़े का विशाल पहाड़ है! उनका कहना है कि बंधवाड़ी के इस कूड़े के पहाड़ को निपटाने के लिये मुख्यमंत्री खट्टर को भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर एक विशाल कारसेवा करनी होगी तभी यहां की जनता को इस कूड़े के पहाड़ से फैलने वाली गंभीर बिमारियों से निजात मिल सकेगी!



