36वें अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुडं शिल्प मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

फरीदाबाद/सूरजकुडं, 08 फरवरी (मनीष शर्मा)। 36वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में मेला प्रबंधन द्वारा दर्शकों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर व्यवस्था की गई है। मेला परिसर को अलग-अलग 17 जोनों में बांटा गया है। जहां पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस के अधिकारियों कर्मचारियों को लगाया गया है, ताकि दर्शकों को किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था में कमी ना रहे।

मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अलग-अलग प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। मेला परिसर को 17 जोनों में बांटा गया है और मेला परिसर के अंदर अलग-अलग कुल 11 गेट भी बनाए गए हैं तथा 24 पार्किंग की व्यवस्था की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस द्वारा दर्शकों से कोम्यूनिकेट किया जा रहा है।

36वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में मेला प्रबंधन ने प्रशासन, पुलिस व ट्यूरिज्म निगम ने आपसी तालमेल करके दर्शकों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक कदम आगे बढ़कर व्यवस्था की गई है। मेला परिसर में लगभग 350 हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे तो अलग- अलग क्षेत्र में काम कर ही रहे हैं। साथ में प्रशासन, पुलिस व ट्यूरिज्म निगम के अधिकारी भी तुरंत आपसी तालमेल करके लोगों की सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध कर रहे हैं। इस बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसका टेलीफोन नंबर 0129- 2982064 है। जहां बेहतर तालमेल करके संबंधित जॉन के क्षेत्र के नोडल पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी को इस तुरंत अवगत करवा कर सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से जितने भी अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं, उनको सभी को वॉकी-टॉकी सेट दे रखे हैं। जो तुरंत दर्शकों की सुरक्षा के लिए आपसी तालमेल करके बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं।

आपको बता दें 36वें अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुडं शिल्प मेले में बेस कंट्रोल रूम गेट नंबर 1 व वीआईपी गेट के लगभग मध्य में और बड़ी चौपाल के पीछे बनाया गया है। जहां पर ओवरऑल इंचार्ज डीएसपी सुरेश कुमार को लगाया गया है। इंचार्ज मेला तेजपाल सिंह सब इंस्पेक्टर हैं। जबकि कम्युनिकेशन ऑफिसर सतीश कुमार सब इंस्पेक्टर को लगाया गया है। मेला प्रबंधक से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मित्र के कम्युनिकेशन सिस्टम के लिए पूरे मेला क्षेत्र के अलग-अलग तीन पार्ट बनाए गए हैं। पहले पार्ट में पांचों गेटों के अंदरूनी भाग को शामिल किया गया है और दूसरे पार्ट में बाहर की पार्किंग व नाका क्षेत्र को शामिल किया गया है तथा तीसरे पार्ट में वीवीआईपी और वीआईपी दर्शकों के लिए व्यवस्था की गई हैं।

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