इस्कॉन फरीदाबाद में श्रद्धा व उल्लास के साथ हुई गोवर्धन पूजा

फरीदाबाद : इस्कॉन फरीदाबाद में गोवर्धन पूजा उत्सव परम् श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर इस्कॉन फरीदाबाद मन्दिर से जुड़े भक्तों ने चावल और हलवे से गोवर्धन पर्वत का निर्माण किया। सुबह 8 बजे परम् पूज्य हृषिकेश कृष्ण प्रभुजी के विशेष प्रवचन से आरंभ श्रद्धालुओं का आगमन दिन भर जारी रहा।

गोवर्धन पूजा का मुख्य उत्सव का आयोजन शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक रहा। कार्यक्रम का आरंभ मन्दिर प्रांगण में बंधी गौमाता की पूजा से हुआ। गौ पूजा के उपरांत श्री राधा गोविंद धाम के मुख्य हॉल में दूध, दही, शहद, फलों के रस, पुष्पों व अन्य शुद्ध वस्तुओं से गिरिराज का अभिषेक सम्पन्न हुआ। गिरिराज को छप्पन भोग, विभिन्न प्रकार की मिठाईयों, फलों, सूखे मेवे और भक्तों द्वारा लाए गए पकवानों का भोग लगाया गया और उसके बाद भक्तों ने कीर्तन के साथ गिरिराज की परिक्रमा की।

घण्टों तक अनवरत चलते कीर्तन ने सभी उपस्थित भक्तगणों को मंत्रमुग्ध कर बांधे रखा। पूजा अर्चना के पश्चात भक्तों को स्वादिष्ट प्रसादम वितरित किया गया। इस अवसर पर एक हजार से अधिक भक्तजन मंदिर में उपस्थित रहे।

मन्दिर के अध्यक्ष गोपेश्वर दास ने बताया कि कार्तिक मास सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस मास में प्रभु ने अनेक लीलायें की, जिनमें से गोवर्धन लीला एक है। उन्होंने नित्य दीपदान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि कार्तिक मास के आरम्भ से श्री राधागोविन्द धाम में हर रोज़ सन्ध्या समय दीपदान कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जा रहा है जिसमें भक्तजन अत्यन्त उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही फरीदाबाद की विभिन्न सोसायटियों और कॉलोनियों में भक्तों के आग्रह पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। श्रीमन गोपेश्वर प्रभुजी ने फरीदाबाद निवासियों का आह्वान करते हुए उनसे कार्तिक मास में अधिक से अधिक मंदिर आने व दीपदान करने का आग्रह किया।

ध्यातव्य है कि गोवर्धन पूजा एक पारम्परिक उत्सव है, जिसका आरम्भ स्वयं भगवान कृष्ण ने किया था। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। यह प्रकृति और उससे जुड़े घटकों के प्रति आभार प्रकट करने का उत्सव है और साथ ही यह उत्सव हमें स्मरण करता है कि परमेश्वर श्रीकृष्ण के संरक्षण में रहने से समस्त विपत्तियां हमसे दूर रहती हैं।

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