जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप मेटासागा को डीआरडीओ के डेयर टू ड्रीम 5.0 इनोवेशन कांटेस्ट में दूसरा पुरस्कार

फरीदाबाद, 07 अप्रैल : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप मेटासागा प्राइवेट लिमिटेड ने प्रतिष्ठित डेयर टू ड्रीम 5.0 इनोवेशन कांटेस्ट में स्टार्टअप और एमएसई (माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइज) श्रेणी में दूसरा पुरस्कार प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

यह प्रतियोगिता भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीडीएफ) योजना के अंतर्गत आयोजित की गई थी। यह राष्ट्रीय स्तर का इनोवेशन चैलेंज उन अभूतपूर्व विचारों और प्रौद्योगिकियों को पहचानता है जिनकी रक्षा तथा सामरिक क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोग हो सकते हैं।

विश्वविद्यालय में आईपीआर, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन/स्टार्ट-अप डिवीजन के प्रभारी प्रो. संजीव गोयल ने बताया कि मेटासागा पूरे देश के अनेक इनोवेटिव स्टार्टअप्स में से चुना गया। यह उपलब्धि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले इनोवेशन और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है।

जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, बुनियादी ढांचा, फंडिंग सहायता तथा उद्योग-अकादमिक संबंधों के माध्यम से पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय की नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्रीय महत्व की प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने मेटासागा टीम तथा जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय में इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करने के विजन को और मजबूत करती हैं, जो आत्मनिर्भर भारत तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देता है।

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