सिने शाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल: जे.सी.बोस विश्वविद्यालय की डॉक्यूमेंट्री ‘ज्योतिसर’ को मिला तीसरा स्थान

मीडिया विद्यार्थी धीरेन सिंह के वृत्तचित्र 'ज्योतिसर: गीता का जन्म स्थल' ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

  • भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता सराहनीय : कुलगुरु
  • यह उपलब्धि मीडिया विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता और सही मार्गदर्शन का परिणाम है : प्रो.पवन सिंह

फरीदाबाद। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में आयोजित प्रतिष्ठित ‘सिने शाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में विभाग के छात्र धीरेन सिंह द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री ‘ज्योतिसर: गीता का जन्म स्थल’ को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार ने इस सफलता पर मीडिया विभाग सहित प्रोडक्शन टीम को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर विद्यार्थियों का पुरस्कृत होना उनकी वैश्विक प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि ‘ज्योतिसर’ वृत्तचित्र न केवल तकनीकी रूप से उत्कृष्ट है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसी उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को रचनात्मकता के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगी।

मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने प्रोडक्शन टीम की सराहना करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर फिल्म उद्योग की बारीकियों और व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है। यह पुरस्कार विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता और सही मार्गदर्शन का परिणाम है।

फिल्म के निर्देशक धीरेन सिंह ने अपनी जीत का श्रेय चेयरपर्सन प्रो.पवन सिंह के सहयोग और अपनी टीम के अथक परिश्रम को दिया। उन्होंने विशेष रूप से मीडिया विभाग की सभी फैकल्टी और वरिष्ठ प्रशिक्षक दुष्यंत त्यागी, प्रोडक्शन सहायक पंकज सैनी और विशाल बेरवाल के तकनीकी मार्गदर्शन के प्रति विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।

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