हाउस अरेस्ट के विरोध में फरीदाबाद के सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता

  • नेताओं को घरों में नजरबंद करने पर जताया रोष

फरीदाबाद : सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूर नेताओं को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कथित रूप से पुलिस हाउस अरेस्ट किए जाने के मामले को लेकर मंगलवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

दिल्ली व सरकार के खिलाफ किए जाने वाले प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के विरोध में अपनी आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूर नेताओं को घरों में नजरबंद करके लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने से रोकने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मांग की कि नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर प्रवासी बिग्रेड के संयोजक संतोष यादव, इंकलाबी मजदूर संघ के नेता संजय मौर्य और रामफल जांगड़ा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता और मजदूर नेता समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार के सामने उठाने का काम करते हैं। यदि शांतिपूर्ण धरने-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया जाता है, तो इससे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को असहमति की आवाज सुननी चाहिए और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। किसी भी मुद्दे पर विरोध जताने वाले लोगों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश को बचाने के नाम पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूर नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के आरोपों को लेकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि किसी भी मुद्दे पर कार्रवाई करते समय नागरिकों के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से इस पूरे मामले पर उचित कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन में पूर्वांचल विकास मंच से सुदेश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चोपड़ा, रामफल जांगड़ा, वासी प्रवासी कल्याण एसोसिएशन (टीम प्रवासी ब्रिगेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष यादव, इंकलाबी मजदूर संघ के नेता संजय मौर्य, सैनी शाक्य कुशवाहा मौर्य सभा से यशवंत मौर्य, सामाजिक कार्यकर्ता संजीव कुशवाहा, औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन से मनोज कुमार तथा कोली समाज से योगेश कोली शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त वीनस यूनियन के पूर्व नेता मिश्रीलाल तथा इंकलाबी मजदूर केंद्र से नितेश, रवि, पूर्णिमा, संजय कुमार और देशराज सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिनिधियों ने मांग की कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूर नेताओं को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने से रोकने के आरोपों की जांच की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में नागरिकों को अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने में अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

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