श्री धार्मिक लीला मंच पर भरत व केकई संवाद दिखाया गया
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी, सर पर खड़ाव लिए आँखों में पानी

फरीदाबाद! श्री धार्मिक लीला कमेटी के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात मंचन में भरत मिलाप दिखाया गया. जिसमें प्रथम दृश्य में अयोध्या से दूत बने निखिल भरत को सन्देश देने आता है कि उनको अयोध्या में जल्दी बुलाया है फिर भरत व शत्रुघ्न अपने नाना बने रोहित खरबन्दा से आज्ञा लेकर अयोध्या के लिए चल पड़ते है.

अगले दृश्य में भरत व शत्रुघ्न केकई से मिलते है और अयोध्या के बुरे हालात व इतनी जल्दी बुलाने का कारण पूछते है. भरत का किरदार निभा रहे सन्नी गुलाटी ने अपने अटूट अभिनय से दर्शकों तक को रोने पर मंज़बूर कर दिया तथा शत्रुघ्न का अभिनय कर रहे संचित ने मधुर आवाज़ से दर्शकों का दिल जीता तो वही केकई का किरदार निभा रही रिया खरबन्दा ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों की खूब तालिया बटोरी. जब केकई भरत को बताती है कि महाराज दशरथ ने राम के वियोग में प्राण त्याग दिए और जब भरत ये जनता है कि माता केकई ने अपने दोनों वर में राम को बनवास और उनके लिए राज्य माँगा तो भरत माता केकई का त्याग करके वनो में प्रभू राम को लेने चल पड़ते है.
अगले दृश्य में भरत को अयोध्या की सेना के साथ आता देकर लक्ष्मण बने वेदांश खरबन्दा क्रोधित होकर हथियार उठा लेता है लेकिन ज़ब भरत रोता हुआ भाग कर राम के पाऊं पड़ता है और राम को वापिस अयोध्या साथ लेजाने की ज़िद्द करता है लेकिन राम बने शिवम् बत्रा पिता के वचनों और मर्यादा के संस्कारो की बात कहकर भरत को समझाता है तो भरत उनकी खड़ाव लेकर अयोध्या जाते हुए गया है राम भक्त ले चला रे राम की निशानी सर में खड़ाव लिए आँखों में पानी.



