राजपूत जन कल्याण समिति द्वारा अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का 189वां जन्मोत्सव मनाया गया

फरीदाबाद। प्रथम स्वाधीनता संग्राम (1857) की अग्रणी प्रणेता अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का 189वां जन्मोत्सव कार्यक्रम लोधी राजपूत जन कल्याण समिति (रजि.) फरीदाबाद द्वारा अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी चौक, एन.आई.टी. फरीदाबाद पर मनाया गया। रामगढ़ की महारानी अवंतीबाई लोधी के अग्रेजों के साथ कई युद्ध हुए अपने पराक्रम और वीरता से ब्रिटिश सरकार की नींद हराम कर दी थी।

15 जनवरी 1858 को कैप्टन वाडिंगटन और रानी की सेनाओं में युद्ध हुआ, इसी समय रानी सेना के बीच से वाडिंग्टन तक पहुंच कर ऐसा ‘वार’ किया कि एक ही वार से घोड़े की गर्दन अलग कर दी वाडिंग्टन हाथ जोडक़र खड़ा हो गया रानी ने उसे क्षमादान दिया। वह अपनी जान बचाकर भाग गया और एक ऐसे ही युद्ध के अवसर पर वाडिंग्टन का बेटा रानी के सैनिकों के हाथ लगा, उसे अंग्रेजी कैम्प में पहंचा दिया। इस बात से प्रभावित होकर रानी को राज्य वापिसी की पेशकश की परन्तु रानी ने राज्य से अधिक देश की स्वतंत्रता को सर्वोपरि समझा। इस बात से आहत कैप्टन वाडिंग्टन ने अपने साथ लैफ्टिनेंट वार्टन, काकवार्न और रीवा नरेश के साथ मिलकर हमला किया और 20 मार्च 1858 को रानी देश के बलिदान हो गई।

एफआइआर रैडमैन आईसी.एस द्वारा 1912 में सम्पादित मंडला गजेटियर में इनकी वीरता का विवरण, सूचना और प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ‘महिलाएं और स्वराज’ और इसी मंत्रालय से प्रकाशित ‘भूले बिसरे शहीद’ जैसी पुस्तकों में अंकित है । परन्तु जिस प्रकार देश के प्रति इनका बलिदान रहा, इतिहास के पन्नों में वह स्वर्णिम स्थान नहीं मिला जो मिलना चाहिए था । समिति द्वारा मिठाई बांटकर हर्षोल्लास से जन्मोत्सव मनाया और पौधरोपण भी किया गया । इस अवसर पर श्री रूपसिंह लोधी, भुवनेश्वर शर्मा, सुमित रावत, धरमपालसिंह लोधी, होती लाल लोधी, ओमप्रकाश लोधी, महीपाल सिंह लोधी आदि उपस्थित रहे।

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