30 अक्टूबर को कर्मचारी करेंगे सभी बिजली दफ्तरों पर जोरदार प्रदर्शन

फरीदाबाद 28 अक्टूबर। निगम अधिकारियों की तानाशाही व उत्पीडऩ की कार्यवाही से जींद सर्कल में उत्पन्न हुए विवाद में पाँच बिजली कर्मचारियों को निलंबित किये जाने की चिंगारी ने प्रदेश के अन्य सर्कलों में इस धरने प्रदर्शन की विरोध स्वरूपी आग ने अब तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। कर्मचारियों के इसी विरोधाभास के चलते हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन की केंद्रीय परिषद ने आने वाली 30 अक्टूबर 2020 को प्रदेश के सभी सबडिवीजनों पर कर्मचारियों का एक घन्टे विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लेते हुए आव्हान किया है।

जींद में चल रहे धरनारत कार्यक्रम के तहत सीही ए-4 पावर हाउस पर आवश्यक बैठक के माध्यम से सर्कल सचिव सन्तराम लाम्बा के दिशानिर्देश पर बिजली निगम फरीदाबाद सर्कल की चारों डिवीजनों में आगामी 30 अक्टूबर को प्रदेश के कर्मचारियों दवारा बिजली दफ्तरों पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन करने का फैसला लेते हुए कहा कि प्रदेश में जनता को भयमुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त सुशाशन देने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार को ठेंगा दिखाने व परवाह ना करने वाले बिजली निगम में भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी निगम में लूट की छूट करने का अब ओर कोई मौका नही मिल रहा तो अब वह तिलमिला रहे हैं। उनके इन्ही कारनामे को उजागर करने में जब यूनियन नेताओं ने 16 अक्टूबर 2020 को कर्मचारियों की डिमांड्स को रखते हुए उनके समाधान हेतु हल कराने में यूनियन के एजेन्डे पर बैठक के माध्यम से बातचीत करनी चाही तो भ्रष्टाचार में लिप्त जींद के एसडीओ विनय कुमार द्वारा एक सुनियोजित तरीके से कर्मचारियों पर झूठे मनधडंग आरोप लगाकर और उन पर जातिसूचक शब्दों का उपयोग करते हुए झूठी एफआईआर दर्ज करा दी, जो निराधार व बेबुनियादी है। जिसके विरोध में कर्मचारीयों ने लामबन्द होकर धरनारत होने का फैसला लेते हुए प्रदर्शनरत हैं।

निगम अधिकारियों के तानाशाही बर्ताव द्वारा कर्मचारियों पर उत्पीडऩ की यह कार्यवाही घोर निन्दनीय है। इसकी जितनी भत्सर्ना की जाए कम है। जिसके विरोध में एचएसईबी वर्कर यूनियन के बैनरतले जींद में लगातार जारी संघर्ष की इस लड़ाई में और एसडीओ जींद के गैर जिम्मेदाराना अडिय़ल रविये से खफा कर्मचारी प्रदर्शन करने को बाध्य हुए। जींद सर्कल में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में प्रदेश की सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाली सबडिवीजनों पर बिजली कर्मचारी 30 अक्टूबर 2020 को एक घंटे काम का बहिष्कार कर अपने अपने दफ्तरों पर विरोध जताते हुए जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे। बिजली निगम के तानशाह भ्रष्ट अधिकारी व एक एसडीओ की वजह से उत्पन्न हुए विवाद से प्रदेश में यदि किसी भी कोई शान्ति भंग होती है, तो नैतिक जिम्मेदारी निगम मैनेजमेन्ट की स्वयं की होगी। क्योंकि अभी तो यह प्रदर्शन शान्तिप्रिय तरीके से जारी है। इसके बाद कर्मचारी जनता के बीच जाकर निगम के ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के कारनामे की पोल खोलने का काम भी करना पड़ा तो भी पीछे नही हटेंगे।

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