पहले फेसबुक पर की दोस्ती, फिर ऑनलाइन गेमिंग/इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म में निवेश के नाम पर ठग लिये ₹15 लाख, खाताधारक सहित तीन गिरफ्तार

खाते में आए थे ठगी के ₹4 लाख, साइबर थाना एनआईटी की कार्रवाई

फरीदाबाद : फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर ऑनलाइन गेमिंग एवं निवेश प्लेटफॉर्म में अधिक मुनाफे का लालच देकर ₹15 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में 23 जून 2026 को साइबर थाना एनआईटी की टीम ने खाताधारक सहित 3 आरोपितों को रोहतक से गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान अमन, अवतार उर्फ कल्लू निवासी कलानौर तथा अरुण निवासी गांव अनवाल, कलानौर, जिला रोहतक के रूप में हुई है।

पुलिस प्रवक्ता अनुसार 15 फरवरी को एनआईटी-1 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी फेसबुक के माध्यम से एक युवती से पहचान हुई थी, जिसने स्वयं को आर्किटेक्ट बताया। कुछ समय बाद उक्त युवती ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया, लेकिन व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा। युवती ने नियमित वीडियो कॉल एवं बातचीत के जरिए उसका विश्वास जीता और भावनात्मक रूप से निकटता बढ़ाई। इसके बाद उसने एक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और sandscasino5.com नामक ऑनलाइन गेमिंग/इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर अपनी आईडी और पासवर्ड देकर अकाउंट संचालित करने के लिये शिकायतकर्ता को कहा। अकाउंट में अधिक मुनाफे को देखकर उसने भी निवेश करने का मन बनाया और 20 से 27 जनवरी 2026 के बीच युवती द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹15 लाख ट्रांसफर कर दिये और जब उसने निवेश और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो प्लेटफॉर्म द्वारा निकासी नहीं की गई और बार-बार अधिक राशि निवेश करने के लिए कहा गया तथा बताया गया कि अतिरिक्त निवेश के बाद ही उसका पैसा निकाला जा सकेगा। तब उसको अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ। शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि तीनों आरोपित एक ही क्षेत्र के निवासी हैं और एक-दूसरे के परिचित हैं। अवतार कलानौर में चिकन शॉप संचालित करता है, अरुण मजदूरी करता है तथा अमन ढोल बजाने का काम करता है।

खाता उपलब्ध कराने का सूत्रधार अवतार है। जिसने पहले भी अपना खाता ठगो को उपलब्ध कराया था। उसने अरुण को खाता देने के लिए कहा था, जिस पर अरुण ने अमन को तैयार किया और फिर तीनों एक अन्य व्यक्ति के पास मुंबई गये। जहां पर अमन का खाता खुलवाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया और खाता खुलने के बाद ठगो को दे दिया गया।

इसके उपरांत खाता में ठगी की राशि में से ₹4 लाख प्राप्त हुये। फिर उन्होंने एटीएम कार्ड व चेक के माध्यम से मुंबई में ही नकद पैसे निकाल कर ठगो को दे दिये।

बैंक खाते में अरुण का मोबाइल नंबर पंजीकृत था। जिनको माननीय न्यायालय में पेश कर आगामी पूछताछ हेतु 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

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