मूर्ख सलाहकारों ने पैदा की कूड़े की समस्या !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 8 जनवरी ! पूरे विश्व में जिस गुड़गावं का नाम साइबर सिटी के तौर पर जाना जाता है उस गुड़गावं का नाम बदल कर गुरुग्राम करने के बाद तो कूड़े कचरे के मामले में तो यह शहर पूरे विश्व में कूड़ा ग्राम के नाम से चर्चित हो चुका है क्यों कि यहां पर भारत की सदियों से चली आ रही सफाई व्यवस्था की स्वदेशी तकनीक को दरकिनार कर के मोदी सरकार ने चीन की ईको ग्रीन कंपनी को सफाई व्यवस्था का जो ठेका दे दिया! आजकल जरा गुरुग्राम के नागरिकों के दिलों का हाल तो पूछ कर देखिये जनाब! असलियत खुल कर सामने आ जायेगी कि मेक इन इंडिया का ड्रामा करने वाली भाजपा सरकार के राज में चीन की कंपनी सफाई व्यवस्था संभालेगी यानि कि अब मोदी सरकार को हमारे भारत के सफाई कर्मचारी पसंद नहीं है!

आरएसएस के स्वदेशी जागरण संगठन के नेता अब कहां गायब हो गये जो हमेशा स्वदेशी स्वदेशी का राग अलापते थे! वास्तव में गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था का जो बेड़ा गर्क हुआ है उस के पीछे केवल एक बहुत बड़े मूर्ख सलाहकारों के टोले का हाथ है! उन मूर्ख सलाहकारों को जमीनी स्तर पर कोई ज्ञान नहीं है! गुरुग्राम शहर की पुरानी सीवरेज व पानी की पाइपें बुरी तरह से जर्जर स्थिति में हैं उन के बारे में नगर निगम व जीएमडीए के कोई भी अधिकारी सोच तक नहीं रहे! गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था के नाम पर अधिकारीयों,नेताओं व इन मूर्ख सलाहकारों की मिलीभगत से करोड़ों रूपये लूटे जा रहे हैं और जनता को सफाई व्यवस्था के नाम पर अपना जीवन नरकमय बिताना पड़ रहा है! सभी राष्ट्रीय समाचार पत्रों में गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था की दुर्दशा की कहानी रोजाना प्रकाशित होते हुए पूरे विश्व में गुरुग्राम का नाम वास्तव में रोशन कर रही हैं! पिछले कई महीनों से हमारे न्यूज पोर्टल जनता की आवाज न्यूज डॉट कॉम पर लगातार गुरुग्राम के कूड़े कर्कट के प्रबंधन की बुरी हालात की खबरें जनहित में बड़ी मेहनत,लगन व ईमानदारी से प्रकाशित की जा रही हैं परंतु यहां के सरकारी विभाग व चीन की ईको ग्रीन कंपनी कूड़े कर्कट के प्रबंधन के बारे में आज भी पूर्णतया फेल है! इस बात का उदाहरण आज ही 7 जनवरी को सुबह देखने को गुरुग्राम की सब्जी मंडी में मिला जब इस न्यूज पोर्टल के ब्यूरो चीफ मदन लाहौरिया सब्जी मंडी से गुजर रहे थे तो वहां पर कूड़े का जो विशाल आलम देखा तो मन में बड़ा दुःख हुआ कि हमारे न्यूज पोर्टल पर लगातार प्रकाशित खबरों के बावजूद गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था का तो दिवाला निकला हुआ है! जब इस कूड़े की फोटो खींची जा रही थी तो इतने में ही एक जेसीबी आ गई और कूड़े को उठाने का काम शुरू हुआ!

सफाई के नाम पर इन दिनों केवल अस्थाई तौर पर किसी न किसी भय के कारण ही सरकारी अधिकारी व ईको ग्रीन कंपनी शिकायत होने के बाद ही सड़कों पर से कूड़ा उठवाने का प्रयास करते हैं वरना कूड़ा सड़कों पर ही पड़ा रहता है! बंधवाड़ी में लगे हुए 35 लाख टन कूड़े के विशाल पहाड़ के बारे में तो गुरुग्राम की आम साधारण जनता का सीधा सीधा कहना है कि कूड़े कर्कट के प्रबंधन की योजना इस वर्तमान भाजपा सरकार को कुछ मूर्ख सलाहकारों ने गलत दे कर विदेशी कंपनियों का रास्ता दिखा दिया! इन विदेशी कंपनियों के सहारे भाजपा सरकार जनता को मूर्ख बनाते हुए कभी तो कूड़े से बिजली बनाने का सपना दिखाती है और कभी कूड़े की सारी जिम्मेवारी जनता पर डालना चाहती है क्यों कि कूड़े से बिजली तो अभी तक बनी नहीं और हाल ही में अभी एक और सपना दिखाया जा रहा है कि कूड़े कर्कट में पाये जाने प्लास्टिक से सड़क बनाई जायेगी! अब जरा सोचिये कि कूड़े कर्कट के प्रबंधन की देशी तकनीक भुला कर जब ये मूर्ख सलाहकार सरकार को ऐसी ही सलाह देंगे तो फिर जनता को कूड़े कर्कट से भरे हुए नरकमय शहरों में ही रहना पड़ेगा!

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