कूड़ा प्रबंधन के सिस्टम की गहराई से जांच की जाये

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 31 दिसंबर। गुरुग्राम में जो कूड़ा प्रबंधन ईको ग्रीन कंपनी के द्वारा किया जा रहा है उस पर काफी प्रश्नचिन्ह लग चुके हैं! गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था काफी समय से सवालों के घेरे में है! ईको ग्रीन कंपनी को कूड़ा प्रबंधन व कूड़े से बिजली बनाने का जो कार्य दिया गया है उस कार्य से गुरुग्राम की जनता संतुष्ट नहीं है! कूड़े के प्रबंधन की समस्या पर यहां के पार्षद व विधायक बोल ही नहीं रहे! यह भी एक गहरा राज है! इस गहरे राज की पृष्ठभूमि में यदि झांक कर देखा जाये तो नजर आता है कि ईको ग्रीन कंपनी से जब गुरुग्राम के कूड़ा प्रबंधन का एग्रीमेंट हुआ तभी से यहां की सफाई व्यवस्था में कई पेंच घुस गये हैं! ईको ग्रीन कंपनी,नगर निगम के अधिकारी, जीएमडीए के अधिकारी, नगर निगम के पार्षद व कुछ राजनेताओं की आपस की खींचातानी के कारण ही गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था की बुरी हालात है! इस सारी साजिश का पता करने के लिए चलिये! हम आपको ले चलते हैं ईको ग्रीन के एग्रीमेंट की गहराइयों में!

दिनांक 18 जून 2017 को सुबह 11 बजे हरियाणा भवन नई दिल्ली में प्रदेश के शहरी स्थानीय विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटरी के साथ ईको ग्रीन कंपनी की सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट के मामले पर एक बैठक हुई जिसमें फरीदाबाद व गुरुग्राम दोनों शहरों में डोर टू डोर कूड़ा इकठ्ठा करने पर शुरूआती चर्चा हुई व दोनों शहरों में कूड़ा प्रबंधन का काम ईको ग्रीन कंपनी को दे दिया गया! बैठक में तय हुआ कि ईको ग्रीन कंपनी हुड्डा सेक्टरों व एचएसआईडीसी के इलाके में सीधे तौर पर डोर टू डोर कूड़ा इकठ्ठा करने के एवज में शुल्क लेगी व साथ में ही तय किया गया कि कंपोस्टिड व ड्राई वेस्ट जो बंधवाड़ी भेजा जायेगा उसको इकठ्ठा करने व ले जाने के एवज में ईको ग्रीन कंपनी को एमसीजी के द्वारा तय किया गया मेहनताना दिया जायेगा! बैठक में तय हुआ कि कुछ जो कंपोस्टिड यूनिट्स शहरी इलाके में पहले से हैं वे उसी प्रकार रहेंगे व जो आरडब्लूए कूड़े को सेग्रीगेट करके कूड़ा केंद्रों पर देगी वो कूड़े का शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं होगी! यह भी तय हुआ कि ईको ग्रीन की राय से विभाग के द्वारा तय रेट पर लोगों को कूड़े के लिए डस्टबिन दिए जायेंगे व स्लम बस्तियों में भी डस्टबिन देने के लिए तय हुआ! सबसे महत्वपूर्ण यह बात तय की गई कि कूड़ा इकठ्ठा करने वाले व बंधवाड़ी प्लांट पर कूड़ा पहुंचाने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाया जायेगा व सडक़ों तथा गलियों का कूड़ा सफाई कर के अधिकृत स्थान पर डाला जायेगा व वहां से बंधवाड़ी भेजा जायेगा! गलियों व सडक़ों के कूड़े के मामले में सूखे व गीले का कोई जिक्र नहीं किया गया! प्रोजेक्ट मॉनिटर यूनिट,कूड़े का वजन करने का सिस्टम व वजन को ऑनलाइन मॉनिटर करने का सिस्टम लगाना तय हुआ! लिचेट व लिगेसी वेस्ट को ट्रीट करने का भी तय हुआ! 11 जुलाई 2017 को इस बैठक की मिन्ट्स लिखी गई व नगर निगम गुरुग्राम के तत्कालीन कमिश्नर वी.उमाशंकर के द्वारा 12 जुलाई 2017 को जारी की गई!

दिनांक 14 अगस्त 2017 को ईको ग्रीन के साथ एक कंसेशन एग्रीमेंट बनाया गया जिस में सॉलिड वेस्ट को डोर टू डोर सेग्रीगेटिड के रूप में इकठ्ठा करने के लिए कहा गया जो कि बाद में 5 फरवरी 2018 को एक रिव्यू बैठक में बदल कर उस में संशोधन कर दिया गया व संशोधन के तहत आदेश दिया गया कि सभी आरडब्लूए से सूखे कूड़े को लेने से मना नहीं किया जा सकता और ईको ग्रीन सूखा कूड़ा हर जगह से ले सकती है! इस एग्रीमेंट के तहत कूड़ा संग्रहण केंद्रों पर डस्टबिन लगाना व कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था करना तय हुआ! एग्रीमेंट की तारीख से एक साल के भीतर सौ प्रतिशत कूड़ा उठाना तय हुआ व कूड़े के सेग्रिगेशन के मामले में गीले और सूखे कूड़े का सेग्रिगेशन एग्रीमेंट की हस्ताक्षर की तारीख से 6 महीने के भीतर होना था जब की एग्रीमेंट की तारीख के 5 महीने 20 दिन बाद एक रिव्यू कर के सेग्रिगेशन की शर्त बदल दी गई! 5 फरवरी 2018 को आयोजित की गई रिव्यू बैठक में 400 कूड़ा संग्रहण केंद्र बनाने का फैसला लिया गया व इन केंद्रों पर कूड़े के बड़े कंटेनर रखना तय हुआ! एक शिकायत केंद्र स्थापित करने का भी फैसला लिया गया! कूड़े की सेग्रिगेशन की शर्त बदलने का फैसला लिया गया व आरडब्लूए को कूड़े की सेग्रिगेशन करने की छूट दी गई और सेग्रीगेटिड कूड़े को कूड़ा संग्रहण केंद्र पर देने के एवज में कूड़े का शुल्क नहीं देने की छूट दी गई! साथ में ही यह छूट भी दी गई कि आरडब्लूए किसी दूसरी फर्म से भी डोर टू डोर कूड़ा इकठ्ठा करवाने का काम करवा सकती है! इस रिव्यू बैठक में तय किया गया कि ईको ग्रीन सूखा कूड़ा सभी जगह से लेगी! बैठक की मिनट्स 6 फरवरी 2018 को लिखी गई और 12 फरवरी 2018 को निगम के कमिश्नर वी.उमाशंकर के द्वारा जारी की गई! ईको ग्रीन के द्वारा कूड़ा प्रबंधन की शर्तों में बार बदलाव के चलते गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई व इन सब कारणों की वजह से ईको ग्रीन के इस कूड़ा प्रबंधन के सभी एग्रीमेंट के कागजातों की गहराई से जाँच करना जरूरी है!

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