विमेन इन इंजीनियरिंग पहल के अंतर्गत जे.सी. बोस विश्वविद्यालय की छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए

कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने शिक्षाना फाउंडेशन एवं हिताची एनर्जी के प्रयासों की सराहना की

फरीदाबाद : इंजीनियरिंग क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी को बढ़ावा देने तथा उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने ‘विमेन इन इंजीनियरिंग’ (वाईआईई) पहल के अंतर्गत लैपटॉप वितरण समारोह का आयोजन किया।

“महिला इंजीनियर्स का सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन आईईईई वाईएमसीए स्टूडेंट ब्रांच (पीईएस-आईएएस) द्वारा शिक्षाना फाउंडेशन तथा हिताची एनर्जी के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम को आईईईई दिल्ली सेक्शन पीईएस-आईएएस एवं आईईईई विमेन इन इंजीनियरिंग (वाईआईई) दिल्ली सेक्शन द्वारा सहयोग दिया गया है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि की सात मेधावी छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किए। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय की बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) की छात्राओं महक पंचाल, निकिता वर्मा, पायल, सिमरन एवं सोनिया कुमारी को इसका लाभ मिला। इसके अलावा, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दिल्ली से अनीशा झा एवं मानवी भी इस पहल की लाभार्थी रहीं।

लैपटॉप के साथ-साथ प्रत्येक चयनित छात्रा को 21,000 रुपये की छात्रवृत्ति तथा 6,000 रुपये की इंटरनेट सहायता भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें डिजिटल शिक्षण संसाधनों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के अंतर्गत मेंटरशिप, सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण तथा करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे छात्राओं की रोजगार क्षमता और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।

अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने शिक्षाना फाउंडेशन एवं हिताची एनर्जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल तकनीकी क्षेत्र में युवतियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। उन्होंने आईईईई तथा इसके विमेन इन इंजीनियरिंग प्रकोष्ठ की भूमिका की भी प्रशंसा की, जिन्होंने योग्य छात्राओं की पहचान कर इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय में ‘विमेन इन इंजीनियरिंग’ स्कॉलरशिप पहल को शुरू करने में डॉ रश्मि अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) एवं चेयर, आईईईई विमेन इन इंजीनियरिंग (वाईआईई) दिल्ली सेक्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अवसर पर शिक्षाना फाउंडेशन से डॉ. भूमिका मकवाना सहित विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

वर्ष 2020 में प्रारंभ हुआ यह वाईआईई कार्यक्रम अब तक देशभर में 200 से अधिक छात्राओं को लाभान्वित कर चुका है, जो इंजीनियरिंग क्षेत्र में लैंगिक अंतर को कम करने तथा एक समावेशी तकनीकी वातावरण के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

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