प्रो. संजय कौशिक ने जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु का कार्यभार संभाला

अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देना तथा जारी परियोजनाओं में तेजी लाना रहेगी प्राथमिकता: कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक

फरीदाबाद, 23 सितंबर : प्रसिद्ध शिक्षाविद और प्रशासनिक विशेषज्ञ प्रो. संजय कौशिक ने जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कुलगुरु का कार्यभार संभाल लिया। वर्तमान में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलगुरु के रूप में कार्यरत प्रो. कौशिक ने विश्वविद्यालय के 9वें कुलगुरु के रूप में यह अतिरिक्त दायित्व ग्रहण किया है।

कार्यभार ग्रहण करने पर कुलसचिव प्रो. अजय रँगा, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों तथा जे.सी. बोस विश्वविद्यालय एवं गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा प्रो. संजय कौशिक का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रो. कौशिक ने विश्वविद्यालय के सभी डीन और विभागाध्यक्षों के साथ एक औपचारिक बैठक की अध्यक्षता की।

हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष का आभार व्यक्त करते हुए प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि सरकार ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह दायित्व सौंपा है, वे उस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने जे.सी. बोस विश्वविद्यालय को हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक बताया। अपनी प्राथमिकताएं साझा करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में जारी शैक्षणिक और ढांचागत (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास परियोजनाओं में तेजी लाना तथा अनुसंधान व नवाचार (इनोवेशन) के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद और गुरुग्राम के समीप स्थित होने के रणनीतिक लाभ का उपयोग छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए किया जाएगा।

गौरतलब है कि हरियाणा राजभवन, चंडीगढ़ द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नियमित कुलगुरु की चयन प्रक्रिया पूरी होने तक राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष द्वारा प्रो. संजय कौशिक को यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रो. कौशिक ने प्रो. राजीव कुमार का स्थान लिया है, जो 11 सितंबर 2025 से विश्वविद्यालय के कुलगुरु के रूप में कार्यरत थे और जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।

प्रो. संजय कौशिक पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के बिजनेस स्कूल में प्रोफेसर हैं। उनके पास 36 से अधिक वर्षों का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव है। वे 7 वर्षों तक आईसीएसएसआर उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक भी रहे हैं।

शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें प्रतिभा स्पंदन सोसाइटी, शिमला द्वारा हिम रत्न-2023, जीनियस ब्रेन एंड एचआरडी मिशन, दिल्ली द्वारा भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा सम्मान 2022, एसोसिएशन ऑफ रिसर्च एंड एडवांस्ड स्टडीज द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन बेस्ट टीचर एंड रिसर्च अवॉर्ड-2020, पीसीएमए यंग रिसर्चर अवॉर्ड-2015, तथा इकोनॉमिक ग्रोथ एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा एक्सीलेंट रिसर्च अवॉर्ड-2012 शामिल हैं।
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